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Bilaspur News: री-रडोह पुल के नीचे अवैध खनन का आरोप, ग्रामीणों ने सीएम से मांगी जांच
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डंगा लगाने की आड़ में खड्ड से पत्थर, रेत और बजरी निकालने का आरोप
पुल और पेयजल योजनाओं की सुरक्षा पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपमंडल झंडूता के री-रडोह-अमरोहा क्षेत्र में कथित अवैध खनन को लेकर 76 ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि री-रडोह पुल के समीप सड़क किनारे डंगा लगाने के कार्य की आड़ में खड्ड से बड़े पैमाने पर पत्थर, रेत और बजरी निकाली गई। इससे पुल की सुरक्षा के साथ क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई योजनाओं पर भी खतरा पैदा हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार री-रडोह पुल का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था और 2022-23 में पूरा हुआ। पुल की अप्रोच का कार्य बजट के अभाव में अधूरा रह गया था। वर्ष 2023 की भारी आपदा में सड़क का करीब 87 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके बाद क्षतिग्रस्त हिस्से में क्रिटिकल दीवार लगाने का काम ठेकेदार को दिया गया।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कार्य शुरू होने से पहले पुल के नीचे खड्ड में मशीनों से खुदाई कर बड़ी मात्रा में सामग्री निकाली गई। ग्रामीणों का कहना है कि अनुमति सड़क निर्माण से निकलने वाली सामग्री के उपयोग के लिए थी, जबकि मौके पर डंगा लगाने का कार्य आवंटित था। इसके बावजूद रात-दिन टिपरों से सामग्री उठाने का आरोप लगाया गया है।
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ग्रामीणों ने कहा कि खड्ड के समीप पेयजल योजनाएं और अमरोहा सिंचाई योजना संचालित हैं। खनन से इनके प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने खनिज सामग्री की मात्रा, उठान रिकॉर्ड और अनुमति की शर्तों की जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
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पुल और पेयजल योजनाओं की सुरक्षा पर जताई चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपमंडल झंडूता के री-रडोह-अमरोहा क्षेत्र में कथित अवैध खनन को लेकर 76 ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि री-रडोह पुल के समीप सड़क किनारे डंगा लगाने के कार्य की आड़ में खड्ड से बड़े पैमाने पर पत्थर, रेत और बजरी निकाली गई। इससे पुल की सुरक्षा के साथ क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई योजनाओं पर भी खतरा पैदा हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार री-रडोह पुल का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था और 2022-23 में पूरा हुआ। पुल की अप्रोच का कार्य बजट के अभाव में अधूरा रह गया था। वर्ष 2023 की भारी आपदा में सड़क का करीब 87 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था। इसके बाद क्षतिग्रस्त हिस्से में क्रिटिकल दीवार लगाने का काम ठेकेदार को दिया गया।
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ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कार्य शुरू होने से पहले पुल के नीचे खड्ड में मशीनों से खुदाई कर बड़ी मात्रा में सामग्री निकाली गई। ग्रामीणों का कहना है कि अनुमति सड़क निर्माण से निकलने वाली सामग्री के उपयोग के लिए थी, जबकि मौके पर डंगा लगाने का कार्य आवंटित था। इसके बावजूद रात-दिन टिपरों से सामग्री उठाने का आरोप लगाया गया है।
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ग्रामीणों ने कहा कि खड्ड के समीप पेयजल योजनाएं और अमरोहा सिंचाई योजना संचालित हैं। खनन से इनके प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने खनिज सामग्री की मात्रा, उठान रिकॉर्ड और अनुमति की शर्तों की जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।