अर्थव्यवस्था में गिरावट से गंभीर हालत में देश, बढ़ती महंगाई को अनदेखा कर रही सरकार: वीरभद्र
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने देश की अर्थव्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा है कि विकास दर में भारी गिरावट से साफ है कि देश इस समय गंभीर हालत में है। बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई को एनडीए सरकार जानबूझकर अनदेखा कर रही है। बयान जारी कर वीरभद्र ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी पर भारी दबाव है। देश के उद्योगपति भी बिगड़ती अर्थव्यवस्था का विरोध नहीं कर पा रहे हैं।
बड़े उद्योगों ने उत्पादन में भारी कमी कर दी है। कर्मचारियों की छंटनी भी कर दी है। महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार, दुष्कर्म जैसी घटनाओं से वह भी चिंतित हैं। ऐसे मामलों से निपटने के लिए कठोर कानून और त्वरित न्याय किया जाए। हैदराबाद और उत्तरप्रदेश की घटनाओं ने निर्भया के दर्दनाक जख्म ताजा कर दिए है। उन्होंने कांग्रेसजनों से कहा कि एकजुट होकर देश की बिगड़ती स्थिति पर मंथन करते हुए लोगों को भाजपा की जनविरोधी नीतियों से अवगत करवाएं।
14 दिसंबर को सोनिया गांधी के नेतृत्व में नई दिल्ली में प्रस्तावित भारत बचाओ रैली को सफल बनाएं। कांग्रेस विधायकों और कार्यकर्ताओं से कहा है कि वह प्रदेश में पार्टी की मजबूती के लिए एकजुट हो जाएं। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर से कहा है कि प्रदेश में नई कार्यकारिणी में कर्मठ और युवा कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाए।
जयराम सरकार के काम धरातल में नहीं दिख रहे
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि जयराम सरकार के काम धरातल में नहीं दिख रहे। भाजपा ने सत्ता पर आने से पहले बड़े दावे किए गए थे लेकिन प्रदेश में वस्तुस्थिति विपरीत है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला के शीत सत्र में नहीं जा पाउंगा। हिमाचल का विकास कांग्रेस सरकार ने ही किया है और धर्मशाला में विधानसभा भवन भी कांग्रेस ने बनाया है। धर्मशाला में शीतकालीन सत्र आयोजित करने का फैसला भी कांग्रेस सरकार ने ही लिया था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने शनिवार को सोशल मीडिया में लाइव आकर कहा कि वह धर्मशाला के शीत सत्र में हिस्सा लेने जाना चाहते थे लेकिन उन्हें डॉक्टरों ने नहीं जाने की सलाह दी है। विधानसभा के बजट सत्र में वह जरूर जाएंगे। कांग्रेस सरकार ने कभी जातिवाद को बढ़ावा नहीं दिया। प्रदेश के समग्र विकास को प्राथमिकता दी है। प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया गया, शिक्षण संस्थान, स्वास्थ्य संस्थान सहित अनेक क्षेत्रों में विकास किया। लड़कों और लड़कियों को उनके घरों के पास स्कूल और कॉलेज खोले गए ताकि उनको कोई परेशानी न हो।