हिमाचल के बैच नंबर से राजस्थान में पकड़ीं नकली दवाएं
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एशिया की 35 फीसदी दवा निर्माण करने वाले हिमाचल के नामी उद्योगों के नाम और बैच की आड़ में राजस्थान में नकली दवाइयां बनाने के मामले का पर्दाफाश हुआ है। इस दौरान पकड़ी गई दवाओं में हिमाचल सहित सिक्किम सहित अन्य प्रदेशों की नामी दवा कंपनियों के नाम का यहां इस्तेमाल हुआ है।
इसके फर्जी तौर पर बैच नंबर भी प्रयोग में लाए गए है। हालांकि, राजस्थान में दी गई दबिश के दौरान पकड़ी गई इन दवाओं के बाद हिमाचल के नामी दवा उद्योगों में हड़कंप मच गया है।
दवा निर्माता उद्योगों का कहना है कि उनके उद्योगों में राजस्थान में पकड़ी गई दवाएं निर्मित ही नहीं होती हैं। अलबत्ता, मामला हायर अथॉरिटी के संज्ञान में आने के बाद इसका सर्कुलर जारी किया गया है।
इन राज्यों में प्रयोग किए नामी कंपनियों के वैच नंबर
इसमें नकली दवाओं के निर्माण का मामला उजागर हुआ है। बताया जा रहा है कि सर्कुलर जारी होने के बाद इसमें नामी दवा उद्योगों के नाम शुमार होने पर भी नामी दवा निर्माता उद्योगों ने ऐतराज जताया है।
उद्योगों का कहना है कि जब वह इस प्रकार की किसी दवा का निर्माण नहीं करते हैं और उनकी कंपनियों की यह दवा ही नहीं है तो सर्कुलर में उनका नाम आना भी सही नहीं है। सर्कुलर में नाम आने पर भी नामी उद्योगों ने कड़ी आपत्ति जताई है और इस पर कार्रवाई करने की भी मांग की है।
हिमाचल दवा नियंत्रक प्राधिकरण को अभी तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने के कोई आदेश हासिल नहीं हुआ है। सहायक प्रदेश दवा नियंत्रक गरिमा शर्मा ने कहा कि राजस्थान में नकली दवाओं का जखीरा पकड़ा गया है।
इसमें हिमाचल, सिक्किम सहित कई अन्य प्रदेशों की नामी कंपनियों के नाम व उनके बैच नंबर प्रयोग किए गए है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण को अभी किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने के आदेश नहीं मिले हैं।