कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन की लागत 4282 करोड़ पहुंची, दूसरे चरण का हुआ टेंडर
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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने दूसरे फेज में ग्रीन फील्ड की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी है। इसका निर्माण गरामोड़ा से मंडी जिले के भवाणा तक होगा। इसके लिए 1982.46 करोड़ का टेंडर गावर इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को दिया है। इसके साथ ही अब उक्त फोरलेन की लागत राशि 4282 करोड़ पहुंच गई है। इसकी पुष्टि एनएचएआई के परियोजना निदेशक मंडी कार्यालय नवीन कुमार मिश्रा ने की। उक्त फोरलेन का निर्माण कार्य तीन फेज में किया जा रहा है।
पहले फेज में कीरतपुर से गरामोड़ा, दूसरे फेज में स्वारघाट के तुन्नु पट्टा से गमाह भवाणा तक और तीसरे फेज का काम भवाणा से नेरचौक तक होना है। पहले और तीसरे फेज का निर्माण कार्य सिगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कर रही है। वहीं अब दूसरा फेज ग्रीन फील्ड का निर्माण गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी करेगी। बताते चलें कि इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 1818 करोड़ से हुई थी। उसके बाद पैसे की कमी होने के कारण 500 करोड़ का टेंडर किया गया। वहीं अब ग्रीन फील्ड के लिए 1982.46 करोड़ का टेंडर एनएचएआई ने किया है। जिससे उसकी लागत 4282 करोड़ पहुंच गई है। वहीं कंपनी को इस काम को पूरा करने के लिए तीन साल दिए गए हैं।
कीरतपुर से गरामोड़ तक का बैलेंस कार्य पहले फेज में सिंगल कंपनी द्वारा किया जा रहा है। वहीं दूसरे फेज का कार्य तुन्नु पट्टर से लेकर गमोह भवाणा तक का काम पहले 1210 करोड़ में आईसीसीएल कंपनी कर रही थी, लेकिन बजट खत्म हो गया और इसका निर्माण नहीं हो पाया। अब इसका टेंडर 1982.46 करोड़ में गावर कंपनी को दिया गया है। तीसरे फेज का निर्माण भवाणा से नेरचौक तक सिगल कंपनी कर रही है। पहले और तीसरे फेज का निर्माण सिगल कंपनी 250 करोड़ रुपये में कर रही है।