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Shimla News: निगम का प्रस्ताव रिजेक्ट, रिज और मालरोड पर नहीं लगेंगे सात अजूबे
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खास खबर
स्टेट हेरिटेज कमेटी ने रद्द किया नगर निगम का प्रस्ताव, कहा-कोर एरिया में नहीं दे सकते अजूबे लगाने की अनुमति
मालरोड से ताजमहल समेत सभी अजूबे शिफ्ट करने पड़ेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के रिज मैदान और मालरोड पर सात अजूबों की कलाकृतियां लगाने जा रहे नगर निगम को बड़ा झटका लगा है। स्टेट हेरिटेज कमेटी ने नगर निगम के प्रस्ताव को खारिज करते हुए यहां सात अजूबे लगाने की मंजूरी देने से इन्कार कर दिया है।
नगर निगम ने पिछले महीने मालरोड पर इन कलाकृतियों को रख दिया था और इन्हें स्थापित करने के लिए नींव भी तैयार कर दी थी। अब निगम को इन्हें यहां से शिफ्ट करना होगा। इन्हें शहर के कोर एरिया से बाहर स्थापित किया जाएगा। नगर निगम ने मालरोड और रिज मैदान के सौंदर्यीकरण और यहां सेल्फी प्वाइंट विकसित करने के लिए सात अजूबे स्थापित करने का फैसला लिया था। निगम के अनुसार, शहर से निकले लोहे के कबाड़ से इन कलाकृतियों को तैयार किया है। इससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षक स्थल विकसित करने की योजना थी। हालांकि, कलाकृतियां स्थापित करने से पहले हेरिटेज कमेटी की मंजूरी नहीं ली गई। शहर के कई लोगों ने भी कोर एरिया में इन्हें लगाने पर आपत्ति जताई थी। विरोध बढ़ने के बाद निगम ने इन्हें स्थापित करने का काम रोक दिया और हेरिटेज कमेटी से अनुमति के लिए आवेदन किया। रिज और मालरोड शहर के हेरिटेज जोन में शामिल हैं। यहां किसी भी तरह के नए काम के लिए कमेटी से मंजूरी लेना अनिवार्य है।
हेरिटेज कमेटी ने मंजूरी देने से किया इन्कार
प्रस्ताव पर दो दिन पहले हुई हेरिटेज कमेटी की बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। नगर निगम के प्रोजेक्ट निदेशक धीरज चंदेल ने कहा कि मालरोड के सौंदर्यीकरण के लिए यह योजना तैयार की गई है। शहर से निकले लोहे के कबाड़ से यह अजूबे तैयार किए हैं। इन्हें पैदल रास्ते या सड़क पर नहीं, बल्कि पार्क या चौराहों पर लगाने की योजना है, जिससे शहर की खूबसूरती बढ़ सके। हालांकि, कमेटी के सदस्यों ने भीड़भाड़ वाले कोर एरिया में इन्हें लगाने पर आपत्ति जताई। कमेटी सदस्य एवं इतिहासकार राजा भसीन ने निगम की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि रिज-मालरोड की जगह इन्हें शहर की सात पहाड़ियों पर स्थापित किया जा सकता है। हेरिटेज जोन में इन्हें लगाना उचित नहीं है। समिति के अन्य सदस्यों ने भी इन्हें कोर एरिया से बाहर उपनगरों में लगाने पर सहमति जताई। ऐसे में अब निगम को इन कलाकृतियों को दूसरे स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ेगा।
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चिह्नित किए जाएंगे नए स्थान
शहर के मालरोड और रिज मैदान पर हेरिटेज कमेटी से सात अजूबों को लगाने की अनुमति नहीं मिल पाई है। जल्द ही दूसरे स्थानों पर इन्हें स्थापित करने के लिए जगह चिह्नित की जाएगी।
-धीरज चंदेल, प्रोजेक्ट निदेशक, नगर निगम शिमला
भाजपा भी जता चुकी है विरोध
योजना का भाजपा भी विरोध कर रही थी। भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने जुलाई में हुई नगर निगम की बैठक में सवाल उठाया था कि सदन की मंजूरी के बिना इस योजना पर काम किया जा रहा है। इस महीने होने वाली बैठक में भी भाजपा पार्षद इस मुद्दे पर निगम प्रशासन को घेरने की तैयारी कर रहे हैं।
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स्टेट हेरिटेज कमेटी ने रद्द किया नगर निगम का प्रस्ताव, कहा-कोर एरिया में नहीं दे सकते अजूबे लगाने की अनुमति
मालरोड से ताजमहल समेत सभी अजूबे शिफ्ट करने पड़ेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के रिज मैदान और मालरोड पर सात अजूबों की कलाकृतियां लगाने जा रहे नगर निगम को बड़ा झटका लगा है। स्टेट हेरिटेज कमेटी ने नगर निगम के प्रस्ताव को खारिज करते हुए यहां सात अजूबे लगाने की मंजूरी देने से इन्कार कर दिया है।
नगर निगम ने पिछले महीने मालरोड पर इन कलाकृतियों को रख दिया था और इन्हें स्थापित करने के लिए नींव भी तैयार कर दी थी। अब निगम को इन्हें यहां से शिफ्ट करना होगा। इन्हें शहर के कोर एरिया से बाहर स्थापित किया जाएगा। नगर निगम ने मालरोड और रिज मैदान के सौंदर्यीकरण और यहां सेल्फी प्वाइंट विकसित करने के लिए सात अजूबे स्थापित करने का फैसला लिया था। निगम के अनुसार, शहर से निकले लोहे के कबाड़ से इन कलाकृतियों को तैयार किया है। इससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षक स्थल विकसित करने की योजना थी। हालांकि, कलाकृतियां स्थापित करने से पहले हेरिटेज कमेटी की मंजूरी नहीं ली गई। शहर के कई लोगों ने भी कोर एरिया में इन्हें लगाने पर आपत्ति जताई थी। विरोध बढ़ने के बाद निगम ने इन्हें स्थापित करने का काम रोक दिया और हेरिटेज कमेटी से अनुमति के लिए आवेदन किया। रिज और मालरोड शहर के हेरिटेज जोन में शामिल हैं। यहां किसी भी तरह के नए काम के लिए कमेटी से मंजूरी लेना अनिवार्य है।
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हेरिटेज कमेटी ने मंजूरी देने से किया इन्कार
प्रस्ताव पर दो दिन पहले हुई हेरिटेज कमेटी की बैठक में विस्तृत चर्चा हुई। नगर निगम के प्रोजेक्ट निदेशक धीरज चंदेल ने कहा कि मालरोड के सौंदर्यीकरण के लिए यह योजना तैयार की गई है। शहर से निकले लोहे के कबाड़ से यह अजूबे तैयार किए हैं। इन्हें पैदल रास्ते या सड़क पर नहीं, बल्कि पार्क या चौराहों पर लगाने की योजना है, जिससे शहर की खूबसूरती बढ़ सके। हालांकि, कमेटी के सदस्यों ने भीड़भाड़ वाले कोर एरिया में इन्हें लगाने पर आपत्ति जताई। कमेटी सदस्य एवं इतिहासकार राजा भसीन ने निगम की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि रिज-मालरोड की जगह इन्हें शहर की सात पहाड़ियों पर स्थापित किया जा सकता है। हेरिटेज जोन में इन्हें लगाना उचित नहीं है। समिति के अन्य सदस्यों ने भी इन्हें कोर एरिया से बाहर उपनगरों में लगाने पर सहमति जताई। ऐसे में अब निगम को इन कलाकृतियों को दूसरे स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ेगा।
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शहर के मालरोड और रिज मैदान पर हेरिटेज कमेटी से सात अजूबों को लगाने की अनुमति नहीं मिल पाई है। जल्द ही दूसरे स्थानों पर इन्हें स्थापित करने के लिए जगह चिह्नित की जाएगी।
-धीरज चंदेल, प्रोजेक्ट निदेशक, नगर निगम शिमला
भाजपा भी जता चुकी है विरोध
योजना का भाजपा भी विरोध कर रही थी। भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने जुलाई में हुई नगर निगम की बैठक में सवाल उठाया था कि सदन की मंजूरी के बिना इस योजना पर काम किया जा रहा है। इस महीने होने वाली बैठक में भी भाजपा पार्षद इस मुद्दे पर निगम प्रशासन को घेरने की तैयारी कर रहे हैं।