कोरोना वायरस: जेपी नड्डा ने हिमाचल भेजे ढाई लाख फेस कवर
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने प्रदेश के लिए ढाई लाख फेस कवर भेजे हैं। फेस कवर कोविड-19 के विरुद्ध चल रहे युद्ध को ध्यान में रखते हुए भेजे गए हैं। फेस कवर की यह खेप भाजपा मुख्यालय दीपकमल चक्कर में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने उतरवाई। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत का धन्यवाद किया। कुछ दिन पूर्व जगत प्रकाश नड्डा ने एक लाख सैनिटाइजर देकर कोरोना वॉरियर सम्मानित किए थे। भाजपा संगठन की सरकार के साथ समन्वय को लेकर भी वीडियो कांफ्रेंस से बैठक हुई।
इसमें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, चारों संसदीय क्षेत्रों के चार प्रभारी, चारों संसदीय क्षेत्रों के चार विस्तारक, 17 जिलों के 17 जिलाध्यक्ष, 73 मंडलों के 73 अध्यक्ष शामिल हुए। प्रदेशाध्यक्ष ने सीएम जयराम ठाकुर को कोविड-19 के संक्रमण काल में सरकार के सफल संचालन के लिए बधाई दी।
भाजपा ने मंडलाध्यक्षों को निर्देश दिए कि जो वीडियो कांफ्रेंस का दौर शुरू किया है, उसे 30 मई तक पूर्ण करना है। बूथ स्तर पर पन्ना प्रमुख तक संवाद स्थापित करना है। कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि जो हिमाचली बाहर से आ रहे हैं और जिन्हें होम क्वारंटीन किया गया है, उनकी निगरानी करनी होगी। मुख्यमंत्री ने भाजपा के कार्यों की प्रशंसा की। आग्रह किया कि निगाह कार्यक्रम की सफलता में प्रशासन की मदद करें। सरकार और संगठन पूर्ण समन्वय के साथ कार्य में लगा है।
सीआईआई ने उद्योग से जुड़े मुद्दों पर सीएम जयराम से की मुलाकात
हिमाचल सीआईआई के चेयरमैन कर्नल शैलेश पाठक के नेतृत्व में भारतीय उद्योग परिसंघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला। उन्होंने सीएम को विभिन्न मुद्दों से अवगत कराया। प्रस्तावित बल्क ड्रग मैन्युफैक्चरिंग पार्क में तेजी लाने का भी सुझाव दिया। मुख्यमंत्री से इस पर विचार करने का अनुरोध किया है।
कर्नल पाठक ने कहा कि हिमाचल में उद्योग सीमा पर स्थित हैं। इसलिए उद्योग को चलाने की अनुमति के बावजूद आदमी और सामग्री की अंतरराज्यीय आवाजाही पर प्रतिबंध से उद्योगों के संचालन में बाधा आई है। सीआईआई ने हिमाचल प्रदेश के राजकोषीय में सुधार पर एक नोट भी प्रस्तुत किया। कहा कि इस पर अमल किया जाए तो राज्य के राजकोष में सुधार के साथ उद्योग लंबी अवधि में चलने में सक्षम होंगे।
वाइस चेयरमैन शैलेष अग्रवाल ने कहा कि बागवानी, पर्यटन, अक्षय ऊर्जा और फार्मा आदि जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कुछ अल्पावधि और दीर्घकालिक उपाय सुझाए हैं। राज्यों के उच्च उधार लेने की अनुमति देने को एफआरबीएम मानदंडों में ढील देने, व्यर्थ प्रशासनिक व्यय कम करने, वित्त वर्ष 20 के लिए लंबित जीएसटी बकाया भुगतान और राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और निगमों का विनिवेश की मांग की है। सीआईआई ने बागवानी और संबद्ध सेवाओं पर विशेष जोर दिया है। प्रभावी आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने की सिफारिश की है।