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#ladenge corona se: घर पाठशाला और अभिभावक बनेंगे शिक्षक, लगेगी दो घंटे की क्लास
Fri, 03 Apr 2020 08:57 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 03 Apr 2020 08:57 PM IST
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शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज
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हिमाचल में शनिवार सुबह 10 से 12 बजे तक घर पाठशालाएं और अभिभावक शिक्षक बनेंगे। कोरोना वायरस से बचाव को बंद हुए सरकारी स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई जारी रखने को शिक्षा विभाग नया प्रयोग कर रहा है। समय 10 से 12 वाला, हर घर बने पाठशाला अभियान के तहत शिक्षक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर अभिभावकों को पढ़ाई करवाने के वीडियो और होमवर्क भेजेंगे। विभाग की विशेष टीमें शिक्षकों को इस माध्यम से पढ़ाई करवाने के लिए सामग्री भेजेगी।
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व्हाट्सऐप ग्रुप पर बच्चे शिक्षकों को मेसेज कर विषय संबंधी शंकाएं दूर कर सकेंगे। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि स्कूल बंद होने से पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए नया प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से इस अभियान को सफल बनाने की अपील की है। समय 10 से 12 वाला, हर घर बने पाठशाला अभियान के तहत बच्चों को रोजाना दो घंटे पढ़ाई करवाने को स्टडी मैटेरियल तैयार कर लिया है। शनिवार से अभियान की शुरूआत होगी।
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शिक्षकों को अपने-अपने स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के फोन नंबरों को जोड़कर कक्षावार व्हाट्सऐप ग्रुप बनाने को कहा है। अभियान के तहत शिक्षकों के व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए गए हैं। ग्रुप में रोजाना अध्ययन सामग्री अपलोड की जाएगी। फिर कक्षाओं के अनुसार शिक्षक अभिभावकों के ग्रुप में उसे भेजेंगे। अगर किसी बच्चे या अभिभावक को कोई बात समझ नहीं आती है तो वो संबंधित शिक्षक से सवाल कर सकेंगे। मंत्री ने बताया कि अधिक दिनों तक स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई को लेकर रुचि कम न हो इसके लिए विशेषज्ञों से चर्चा करने के बाद यह अभियान शुरू करने का फैसला लिया गया है।
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उन्होंने कहा कि स्कूल खुलने तक रोजाना दो घंटे सुबह 10 से 12 बजे तक बच्चों को इस माध्यम से पढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से बच्चे बोर भी नहीं होंगे। स्टडी मैटेरियल को बच्चों के इंटरेस्ट के अनुसार तैयार किया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अभिभावकों को सही मायने में शिक्षक बनना होगा ताकि उनके बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो।