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हिमाचल में अब हर कहीं नहीं बनाए जा सकेंगे होटल

Mon, 11 Apr 2016 10:22 AM IST
धर्मेंद्र पंडित/अमर उजाला, शिमला
धर्मेंद्र पंडित/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 11 Apr 2016 10:22 AM IST
सार

  • होटल बनाने के लिए न्यूनतम एक हजार स्क्वेयर मीटर जमीन होगा जरूरी
  • कोर एरिया में चार एवं अन्य इलाकों में पांच मंजिल तक बना सकेंगे होटल
  • फ्लोर एरिया रेशो बढ़ाने की तैयारी, ग्रीनरी के लिए छोड़नी होगी अब जगह
  • सूबे के सभी 52 शहरी क्षेत्रों में होटल निर्माण पर लागू होंगे ये नए नियम

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construction of hotels in himachal
अब होटल बनाने के लिए न्यूनतम एक हजार स्क्वेयर मीटर जमीन जरूरी होगी। - फोटो : डेमो पिक

विस्तार

हिमाचल में अब हर कहीं गली मोहल्लों में होटल नहीं बनाए जा सकेंगे। सूबे के सभी शहरी इलाकों में होटल निर्माण के लिए सरकार नियम बदलने जा रही है। अब होटल बनाने के लिए न्यूनतम एक हजार स्क्वेयर मीटर जमीन जरूरी होगी। इससे कम जमीन पर होटल बनाने की अनुमति नहीं मिलेगी। होटल निर्माण के लिए फ्लोर एरिया रेशो भी बढ़ाने की तैयारी है।

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इसके अलावा होटल के लिए पहले से सड़क होना भी अनिवार्य किया गया है। पार्किंग के अलावा अब ग्रिनरी के लिए भी होटल के आसपास जगह छोड़नी होगी। होटल कारोबारियों की मांग पर प्रदेश सरकार फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) बढ़ाकर एक और मंजिल बनाने की भी मंजूरी देने जा रही है। मौजूदा समय में कोर एरिया में 1.5 जबकि ओपन एरिया में 1.75 एफएआर स्वीकृत है।

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क्या बोले, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा

construction of hotels in himachal
कोर एरिया 2 और ओपन एरिया 3 एफएआर किया जा रहा है। - फोटो : डेमो पिक

इसे बढ़ाकर कोर एरिया 2 और ओपन एरिया 3 एफएआर किया जा रहा है। एफएआर में बढ़ने से बिल्टअप एरिया बढ़ेगा। पहले कोर एरिया में 1500 स्क्वेयर मीटर में कंस्ट्रक्शन कर सकते थे। अब 2000 स्क्वेयर मीटर में कंस्ट्रक्शन कर सकेंगे। ओपन एरिया में 1750 के बजाए 3000 स्क्वेयर मीटर में निर्माण कर सकेंगे। यानी इन क्षेत्रों में होटल व्यवसायी एक और मंजिल बना सकेंगे।

शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि होटल निर्माण के लिए कम से कम एक हजार स्क्वेयर मीटर जमीन होना जरूरी कर दी गई है। सरकार फ्लोर एरिया रेशो में बढ़ोतरी करने जा रही है। कोर एरिया में इसे 2 और ओपन एरिया में एफएआर 3 किया जा रहा है। इससे बिल्टअप एरिया ज्यादा बढ़ेगा। कारोबारी अतिरिक्त मंजिल का निर्माण कर सकेंगे।

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