हिमाचल: विकसित भारत-जी राम जी में कूहल और चश्मों का भी होगा संरक्षण, राजपत्र में प्रकाशित हुई योजना
1 जुलाई से लागू हुई विकसित भारत-जी राम जी योजना में पहाड़ी राज्यों की जरूरतों के अनुसार पारंपरिक कूहल और प्राकृतिक जल स्रोत चश्मों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी।
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हिमाचल प्रदेश में 1 जुलाई से लागू हुई विकसित भारत-जी राम जी योजना में पहाड़ी राज्यों की जरूरतों के अनुसार पारंपरिक कूहल और प्राकृतिक जल स्रोत चश्मों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी। योजना की कैटेगरी-1 के तहत हिमाचल की पारंपरिक सिंचाई व्यवस्था को पुनर्जीवित किया जाएगा। इसमें कूहल, चश्मों और अन्य जल संरक्षण संरचनाओं के पुनर्निर्माण, संरक्षण तथा सुधार पर विशेष जोर रहेगा। सरकार का मानना है कि इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, कृषि और ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिलेगी।
125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी
नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को अब वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। यह मनरेगा के तहत मिलने वाले रोजगार से अधिक है। आवश्यकता और वित्तीय क्षमता के अनुसार इसे आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। यदि कोई परिवार रोजगार की मांग करने के 15 दिनों के भीतर काम नहीं पाता है, तो उसे बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। पहले 30 दिनों तक यह निर्धारित मजदूरी का 25 फीसदी होगा। इसके बाद 50 फीसदी बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। मस्टररोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान न होने पर मुआवजा मिलेगा।
देरी का मुआवजा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होगा
16वें दिन से 0.05 फीसदी प्रतिदिन की दर से देरी का मुआवजा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होगा। योजना में महिलाओं के सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। कुल लाभार्थियों में कम से कम 33 फीसदी महिलाएं शामिल करना अनिवार्य है। उन्हें पुरुषों के बराबर मजदूरी मिलेगी। कार्यस्थल पर पांच या अधिक छोटे बच्चों की मौजूदगी पर शिशुगृह की व्यवस्था होगी। बच्चों की देखभाल के लिए नियुक्त महिला कर्मचारी को पूर्ण मजदूरी दी जाएगी। एकल महिलाओं, दिव्यांगों, 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और ट्रांसजेंडर समुदाय को उनकी क्षमता के अनुरूप कार्य मिलेगा।हैं।
डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य की गई
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इसमें ई-मस्टर, एनएमएमएस एप और बायोमीट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन का उपयोग होगा। योजना में ठेकेदारों की भागीदारी पूरी तरह प्रतिबंधित है। सोशल ऑडिट या तकनीकी जांच में वित्तीय अनियमितता मिलने पर कार्रवाई होगी। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उपायुक्त को सीधे एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए है।
5 किमी से बाहर काम तो 10 प्रतिशत अतिरिक्त मजदूरी, साल में 60 दिन पीक सीजन रहेगा
विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत 5 किमी से बाहर काम मिलने पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त मजदूरी का प्रावधान किया गया है। कठिन पहाड़ी रास्तों को देखते हुए नियम है कि काम 5 किलोमीटर के दायरे में मिले। यदि ब्लॉक स्तर पर बाहर काम दिया जाता है, तो यात्रा और अतिरिक्त खर्च के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त मानदेय मिलेगा। इतना ही नहीं पीक एग्रीकल्चर सीजन में काम पर रोक का प्रावधान किया गया है। बुआई और कटाई के सीजन के दौरान खेती के लिए मजदूरों की कमी न हो, इसलिए सरकार साल में 60 दिनों का ऐसा पीक सीजन अधिसूचित करेगी जिसमें इस योजना के तहत कोई नया काम नहीं किया जाएगा।
वीबी-जी राम जी से श्रमिकों की मजदूरी में 21 फीसदी की बढ़ोतरी : अनुराग
सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) अधिनियम, 2025 के तहत 1 जुलाई 2026 से लागू की गई संशोधित मजदूरी दरों का स्वागत किया है। उन्होंने इसे हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण श्रमिकों के लिए ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में गैर-अनुसूचित क्षेत्रों के लिए दैनिक मजदूरी 247 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये और अनुसूचित क्षेत्रों के लिए 309 रुपये से बढ़ाकर 375 रुपये कर दी गई है, जो क्रमशः लगभग 21.5 प्रतिशत और 21.3 प्रतिशत की वृद्धि है। अनुराग ठाकुर ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस कदम से हिमाचल सहित कई राज्यों के लाखों ग्रामीण श्रमिकों की आय में सीधा इजाफा होगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय बाजारों में क्रय शक्ति बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई मजदूरी ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी और यह निर्णय प्रधानमंत्री के गरीब कल्याण, अंत्योदय और विकसित भारत के संकल्प का सशक्त उदाहरण है।