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Shimla News: नौतोड़ के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा से मांगा 11 साल का हिसाब
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रिकांगपिओ में नौतोड़ मुद्दे पर प्रेसवार्ता करते प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. सूर्या बोरस। स्रोत
नौतोड़ के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा से मांगा 11 साल का हिसाब
. डॉ. सूर्या बोरस बोले, भाजपा के पांच साल के कार्यकाल में लंबित रहे मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
नौतोड़ के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए लंबित मामलों और भूमि आवंटन में हुई देरी का हिसाब मांगा है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. सूर्या बोरस ने रिकांगपिओ में आयोजित प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल में नौतोड़ के मामलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। इसका खामियाजा किन्नौर के हजारों लोगों और युवा पीढ़ी को भुगतना पड़ा है। डॉ. बोरस ने कहा कि करीब 15 से 20 हजार लोगों की फाइलें संयुक्त निरीक्षण के बावजूद लंबित हैं, जबकि लगभग नौ हजार पुराने मामले भी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के प्रावधानों के चलते वर्ष 1997-98 के बाद नौतोड़ की प्रक्रिया प्रभावित हुई, जिससे लोगों को भूमि आवंटन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और वर्तमान कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से 2016 के बीच नौतोड़ के मामलों को आगे बढ़ाने के लिए पहल की गई थी। इस दौरान विभागीय स्तर पर संयुक्त निरीक्षण किए गए और रिकांगपिओ में करीब 900 लोगों को पट्टे वितरित किए गए। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 में पूह, रिकांगपिओ और निचार क्षेत्रों में भी नए मामलों को स्वीकृति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा नेताओं से सवाल किया कि यदि वे नौतोड़ की बहाली के पक्ष में थे, तो सत्ता में रहने के दौरान पांच साल में इस दिशा में क्या प्रयास किए गए? उन्होंने संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की। डॉ. बोरस ने बताया कि नौतोड़ के मुद्दे को लेकर 11 सितंबर से पूह क्षेत्र में नौतोड़ यात्रा और हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है। फिलहाल, यह अभियान कल्पा क्षेत्र में चल रहा है। इसके बाद यात्रा निचार होते हुए शिमला पहुंचेगी। शिमला में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समीप तीन दिन तक धरना दिया जाएगा और राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की जाएगी। यदि इसके बाद भी समाधान नहीं निकलता है, तो कांग्रेस कानूनी कार्रवाई सहित अन्य विकल्पों पर विचार करेगी।
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. डॉ. सूर्या बोरस बोले, भाजपा के पांच साल के कार्यकाल में लंबित रहे मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
नौतोड़ के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए लंबित मामलों और भूमि आवंटन में हुई देरी का हिसाब मांगा है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. सूर्या बोरस ने रिकांगपिओ में आयोजित प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल में नौतोड़ के मामलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। इसका खामियाजा किन्नौर के हजारों लोगों और युवा पीढ़ी को भुगतना पड़ा है। डॉ. बोरस ने कहा कि करीब 15 से 20 हजार लोगों की फाइलें संयुक्त निरीक्षण के बावजूद लंबित हैं, जबकि लगभग नौ हजार पुराने मामले भी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के प्रावधानों के चलते वर्ष 1997-98 के बाद नौतोड़ की प्रक्रिया प्रभावित हुई, जिससे लोगों को भूमि आवंटन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और वर्तमान कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से 2016 के बीच नौतोड़ के मामलों को आगे बढ़ाने के लिए पहल की गई थी। इस दौरान विभागीय स्तर पर संयुक्त निरीक्षण किए गए और रिकांगपिओ में करीब 900 लोगों को पट्टे वितरित किए गए। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 में पूह, रिकांगपिओ और निचार क्षेत्रों में भी नए मामलों को स्वीकृति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी। कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा नेताओं से सवाल किया कि यदि वे नौतोड़ की बहाली के पक्ष में थे, तो सत्ता में रहने के दौरान पांच साल में इस दिशा में क्या प्रयास किए गए? उन्होंने संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की। डॉ. बोरस ने बताया कि नौतोड़ के मुद्दे को लेकर 11 सितंबर से पूह क्षेत्र में नौतोड़ यात्रा और हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है। फिलहाल, यह अभियान कल्पा क्षेत्र में चल रहा है। इसके बाद यात्रा निचार होते हुए शिमला पहुंचेगी। शिमला में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समीप तीन दिन तक धरना दिया जाएगा और राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की जाएगी। यदि इसके बाद भी समाधान नहीं निकलता है, तो कांग्रेस कानूनी कार्रवाई सहित अन्य विकल्पों पर विचार करेगी।