विपक्ष ने विधानसभा के बाहर राफेल डील पर सरकार को घेरा
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अभी तक देश की संसद के अंदर और बाहर हंगामे का कारण बनी राफेल डील अब हिमाचल तक पहुंच गई है। सोमवार को पहली बार विधानसभा परिसर में राफेल पर सरकार को घेरने का प्रयास किया गया।
हुआ यूं कि 24 अगस्त को विधानसभा के बाहर युवा कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू, आशा कुमारी ओर जगत सिंह नेगी ने सोमवार को विधानसभा का सत्र शुरू होते ही नियम 67 के तहत चर्चा की मांग की।
मांग खारिज होने के बाद कांग्रेस विधायकों ने वाकआउट कर दिया। वाकआउट के दौरान जब विधायक विधानसभा परिसर में पहुंचे तो उन्होंने राफेल डील को लेकर भाजपा सरकार को जमकर घेरा। नारों के जरिये उन्होंने प्रदेश की जयराम सरकार को पुलिस के बहाने सरकारी गुंडों के इस्तेमाल पर घेरा तो केंद्र की सरकार को राफेल पर।
सुक्खू ने दी थी बहिष्कार की धमकी
इसके बाद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब तक सरकार लाठीचार्ज की मजिस्ट्रेटी जांच नहीं कराएगी, तब तक वह मांग करते रहेंगे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस दौरान विधानसभा की कार्यवाही के बहिष्कार की चेतावनी दे डाली। कहा कि युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से काम कर रहे थे
लेकिन जिस तरह सरकारी गुंडों के तौर पर पुलिस प्रशासन ने लाठीचार्ज व पथराव कर एक दर्जन कार्यकर्ताओं को लहूलुहान किया, वह गलत है। उन्होंने कहा कि जांच न हुई और लाठीचार्ज के आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई न हुई तो सदन का बहिष्कार कर देंगे।