धर्मशाला नगर निगम पर कांग्रेस का फिर कब्जा, जग्गी बने मेयर
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नगर निगम धर्मशाला पर ढाई साल बाद एक बार फिर कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया है। 17 पार्षदों वाले सदन में 14 कांग्रेस समर्थित होने के चलते सोमवार को वार्ड-10 श्यामनगर से पार्षद देवेंद्र जग्गी को सर्वसम्मति से मेयर चुना गया। डिप्टी मेयर पद के लिए हालांकि कांग्रेस ने स्वर्णा देवी और भाजपा ने ओंकार नैहरिया को उतारा। लेकिन बीती रात कांग्रेस की डिनर डिप्लोमेसी में भाजपा समर्थित पार्षद ओंकार नैहरिया को अपने पाले में मिला लिया गया।
कांग्रेस के समर्थन से ही नैहरिया डिप्टी मेयर बने। भाजपा के दो अन्य पार्षदों सर्वचंद और तेजेंद्र कौर ने चुनाव का बहिष्कार किया। 15 पार्षदों के मतदान में भाग लेने के बाद ओंकार नैहरिया को नौ और स्वर्णा देवी को छह वोट मिले। शहरी विकास विभाग के निदेशक डा. आरके प्रुथी की देखरेख में पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई। उसके बाद उन्होंने नवनियुक्ति महापौर देवेंद्र जग्गी और उपमहापौर ओंकार नैहरिया को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
भाजपा पार्षद मुझे अकेला छोड़ कर चले गए: ओंकार
बहुमत होने के बावजूद नैहरिया को डिप्टी मेयर बनाकर कांग्रेस ने भाजपा को जिला परिषद चुनाव के बाद एक और झटका दिया है। बता दें कि धर्मशाला नगर निगम के गठन के पहले पांच साल के कार्यकाल में ढाई-ढाई साल का आरक्षण रोस्टर लागू है। पहले ढाई साल के कार्यकाल में कांग्रेस की मेयर रजनी व्यास और डिप्टी मेयर देवेंद्र जग्गी थे।
डिप्टी मेयर ओंकार नैहरिया ने कहा कि वोटिंग के दौरान भाजपा पार्षद ही मुझे अकेला छोड़कर चले गए। मैंने भाजपा नहीं छोड़ी बल्कि भाजपा के नुमाइंदों ने ही मुझे छोड़ दिया। मुझे तो कांग्रेस के पार्षदों ने समर्थन दिया तब मैं डिप्टी मेयर बन पाया। इसके लिए कांग्रेस पार्षदों और पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा का मैं आभारी हूं।