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छतों से दस मीटर ऊपर रोप-वे की शर्त हटेगी, एक्ट में हुआ संशोधन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 20 Nov 2018 12:33 PM IST
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राज्य सरकार ने दुर्गम क्षेत्रों में बनने वाले रोपवे की घरों की छतों से दस मीटर ऊपर की शर्त हटाने की तैयारी कर ली है। सरकार हिमाचल प्रदेश रोपवे एक्ट 1968 में संशोधन कर यह व्यवस्था कर रही है। एक्ट का उल्लंघन करने पर रोपवे संचालक के खिलाफ सरकार सिविल कोर्ट में जा सकेगी।
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राज्य की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा नंदा के इस संबंध में जारी नोटिस को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है। दरअसल दुर्गम क्षेत्रों में रोपवे निर्माण को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। अभी तक एक्ट के अनुसार रोप-वे बनाने के लिए घरों की छतों के ऊपर 10 मीटर की दूरी की शर्त लागू है।
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नए संशोधन में सरकार व्यवस्था कर रही है कि रोप वे निर्माण करने के लिए प्रमोटर को समय अवधि बढ़ाने के लिए विस्तृत कारण के साथ राज्य सरकार के पास साधारण पत्र देकर आवेदन करना पड़ेगा।
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इसके अतिरिक्त रोप-वे प्रमोटर ही समय- समय पर यात्रियों, पशुओं और सामान को ढोने के लिए दरें भी तय कर सकेगा। इससे पहले सरकार ने शर्त रखी थी कि पीपीपी मोड और बीओटी आधार पर बनने वाले रोपवे की दरें तय करने से पहले विशेषज्ञ कमेटी की सिफारिश करेगी।
इसके अलावा प्रत्येक नब्बे दिन के बाद दरें तय की जाएंगी। इस शर्त को भी हटाने की तैयारी है। एक्ट में व्यवस्था की जा रही है कि अगर रोपवे संचालक नियमों की उल्लंघन करता है तो जुर्माना किया जा सकेगा।
प्रमोटर का कर्मचारी भी कोताही के लिए जिम्मेवार रहेगा और उसका एक माह का वेतन काटने की व्यवस्था रहेगी। रोपवे के कारण कोई बाधा उत्पन्न की जाती है तो भी सरकार कार्रवाई कर सकेगी।