कंप्यूटर शिक्षकों को तीन महीने से नहीं मिला वेतन, ये है वजह
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सरकारी स्कूलों में तैनात 1341 कंप्यूटर शिक्षकों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। शिक्षकों को प्रतिमाह दो करोड़ रुपये का वेतन देने के लिए शिक्षा विभाग में मद तय नहीं होने से वेतन की अदायगी रुक गई है।
शिक्षा सचिव के हस्तक्षेप के बाद अब समग्र शिक्षा अभियान से फंड लेकर वेतन देने की तैयारी है। सूबे के सरकारी स्कूलों में आउटसोर्सिंग पर कंप्यूटर शिक्षक नियुक्त हैं। नाइलेट कंपनी के माध्यम से शिक्षकों को नियुक्त किया गया है। सरकार शिक्षकों का वेतन देने के लिए नाइलेट कंपनी को अदायगी करती है।
सरकार से पैसा आने के बाद कंपनी शिक्षकों को वेतन देती है। शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते अभी तक कंप्यूटर शिक्षकों को दिए जाने वाले वेतन का मद तय नहीं है। हर बार शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं का फंड तबदील कर वेतन के लिए दिया जाता है।
विद्यार्थियों से ली जाती है 110 रुपये की फीस
सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों से 110 रुपये की फीस ली जाती है। प्रति माह करीब पचास लाख रुपये फीस से जमा हो रहे हैं। इस फीस के अलावा करीब डेढ़ करोड़ रुपये का शिक्षा विभाग को अलग से वेतन के लिए इंतजाम करना पड़ता है।
उधर, कंप्यूटर शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन स्कूलों में पड़ी छुट्टियां भी नहीं मिल रही हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों की अनुपस्थिति में भी इन शिक्षकों को आना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर सोमवार को कंप्यूटर शिक्षकों ने सचिवालय पहुंचकर शिक्षा सचिव को भी अवगत करवाया।