हिमाचल में ई-सिगरेट पर पूर्ण रोक, यहां जानिए पूरा मामला
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हिमाचल सरकार ने युवाओं को हर प्रकार के नशे से दूर रखने के लिए प्रदेश में ई-सिगरेट की बिक्री, उत्पादन, आवंटन एवं विज्ञापन पर पूर्ण रोक लगा दी है। आदेशों का उल्लंघन करने वालों को 3 साल तक की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना हो सकता है।
इसके साथ ही ई-सिगरेट की ऑनलाइन बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को बल देते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा एवं नियामक निदेशालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन वितरण प्रणाली के तहत ई-सिगरेट, ई-निकोटिन फ्लेवर्ड हुक्का, हीट-नॉट बर्न डिवाइस की प्रदेश में बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। हिमाचल में सिंगल सिगरेट, खैनी और गुटखा बेचने पर पहले से ही पाबंदी है।
खाद्य सुरक्षा और नियामक निदेशालय के निदेशक डॉ. नरेश कुमार लट्ठ ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार ई-सिगरेट को प्रतिबंधित कर दिया गया है। दवा नियंत्रक और अतिरिक्त दवा नियंत्रकों को आदेश का पालन करने को कहा है।
क्या है ई-सिगरेट
उन्होंने कहा सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में ई सिगरेट की रोक सुनिश्चित करेंगे। ई-सिगरेट या इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट में बैटरी और एक कारट्रिज होती है। कारट्रिज में निकोटिन युक्त तरल पदार्थ होता है जो बैटरी की सहायता से गर्म होकर निकोटिन युक्त भाप देता है।
उसे सिगरेट के धुएं की तरह लोग पीते हैं।ई सिगरेट पर बिहार, पंजाब, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, मिजोरम, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में पहले से ही बैन लगा हुआ है। अब हिमाचल भी इसमें शामिल हो गया है।