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हिमाचल मानसून 2026: हिमाचल प्रदेश में 87 सड़कें बंद, 39 बिजली ट्रांसफार्मर और 39 पेयजल योजनाएं प्रभावित
Tue, 01 Sep 2026 10:58 AM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Tue, 01 Sep 2026 10:58 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में बारिश का असर जारी है। 1 सितंबर सुबह तक प्रदेश में 87 सड़कें बंद, 39 बिजली ट्रांसफार्मर और 39 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। हमीरपुर में सबसे ज्यादा 37 सड़कें बंद हैं। मानसून में आपदा से अब तक 105 लोगों की मौत, जबकि सड़क हादसों में 151 लोगों की जान गई है। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल में बारिश का कहर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान बारिश, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का दौर लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 1 सितंबर 2026 सुबह 10 बजे तक की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में कुल 87 सड़कें बंद हैं। वहीं 39 बिजली ट्रांसफार्मर (DTR) और 39 पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हैं।
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सड़क बंद होने के मामले में हमीरपुर सबसे आगे है। यहां बरसर में 19, सुजानपुर में दो, भोटा में नौ और भोरंज में सात सड़कें बंद हैं। जिले में कुल 37 सड़कें प्रभावित हैं। मंडी में 33, कुल्लू में 16, चंबा में आठ, कांगड़ा में सात, सोलन में छह, सिरमौर में नौ, शिमला में दो और लाहौल-स्पीति में दो सड़कें बंद हैं। बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 39 DTR बाधित हैं। इनमें कुल्लू में 11, मंडी में 24 और शिमला में दो ट्रांसफार्मर प्रभावित बताए गए हैं। सोलन में चार डीटीआर प्रभावित हैं।
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मानसून में अब तक 105 लोगों की मौत
मानसून सीजन के दौरान 30 जून से 31 अगस्त 2026 तक आपदा से 105 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इनमें भूस्खलन, बाढ़, डूबने, बिजली गिरने, आग, सांप के काटने, पेड़/चट्टान से गिरने और अन्य कारण शामिल हैं। आपदा से सबसे अधिक मौतें चंबा में 13, कांगड़ा और शिमला में 16-16, सिरमौर में 14 और लाहौल-स्पीति में 14 दर्ज की गई हैं। इसके अलावा इसी अवधि में सड़क हादसों में 151 लोगों की जान गई। यानी मानसून अवधि में आपदा और सड़क दुर्घटनाओं को मिलाकर मौतों का आंकड़ा 256 तक पहुंच गया है।
आर्थिक नुकसान भी बड़ा
सरकारी संचयी रिपोर्ट के अनुसार 30 जून से 31 अगस्त तक मानसून से प्रदेश में कुल नुकसान 1,20,213.42 लाख रुपये दर्ज किया गया है। सार्वजनिक संपत्ति के साथ निजी संपत्ति, फसल, बागवानी और अन्य क्षेत्रों को भी नुकसान हुआ है।
मानसून सीजन के दौरान 30 जून से 31 अगस्त 2026 तक आपदा से 105 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इनमें भूस्खलन, बाढ़, डूबने, बिजली गिरने, आग, सांप के काटने, पेड़/चट्टान से गिरने और अन्य कारण शामिल हैं। आपदा से सबसे अधिक मौतें चंबा में 13, कांगड़ा और शिमला में 16-16, सिरमौर में 14 और लाहौल-स्पीति में 14 दर्ज की गई हैं। इसके अलावा इसी अवधि में सड़क हादसों में 151 लोगों की जान गई। यानी मानसून अवधि में आपदा और सड़क दुर्घटनाओं को मिलाकर मौतों का आंकड़ा 256 तक पहुंच गया है।
आर्थिक नुकसान भी बड़ा
सरकारी संचयी रिपोर्ट के अनुसार 30 जून से 31 अगस्त तक मानसून से प्रदेश में कुल नुकसान 1,20,213.42 लाख रुपये दर्ज किया गया है। सार्वजनिक संपत्ति के साथ निजी संपत्ति, फसल, बागवानी और अन्य क्षेत्रों को भी नुकसान हुआ है।