पंचायत में विकास कार्य की धांधली की शिकायत जनमंच से हुई गायब
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जनता की समस्याओं को हल करने के लिए चलाए जा रहे जनमंच कार्यक्रम में भी समस्याओं का समाधान होता नजर नहीं आ रहा है। पूर्व की कई शिकायतें लंबित हैं। ताजा मामला निरमंड में आयोजित जनमंच कार्यक्रम के दौरान पेश आया है जहां शिकायत ही गायब कर दी गई।
ग्रामीणों ने कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा से इस शिकायत को उठाया है। गुस्साए ग्रामीणों ने चेताया है कि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया तो वे कोर्ट जाने को मजबूर होंगे।
निरमंड विकास खंड की पोशना पंचायत के लोकेंद्र सिंह, गाजरू राम, अमर सिंह, वेद ठाकुर और डीएन शर्मा ने कहा कि पोशना पंचायत में हुए विकास कार्यों में धांधली को लेकर बीते 26 जून को डीसी कुल्लू को भी शिकायत भेजी थी।
इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी, लेकिन लंबा अरसा बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। हालांकि डीसी कुल्लू द्वारा पंचायत में हुए विकास कार्यों में हुई अनियमितताओं को लेकर शीघ्र जांच करने का आश्वासन दिया गया था।
उन्होंने कहा कि धांधली की शिकायत पंचायत में आयोजित प्री जनमंच कार्यक्रम में भी रखी गई थी, लेकिन रविवार को निरमंड में आयोजित जनमंच कार्यक्रम में आई 145 शिकायतों में से उनकी यह शिकायत गायब हो गई।
ग्रामीणों का आरोप, किया गया राजनीतिक खेल
ग्रामीणों ने जनमंच अध्यक्ष एवं कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा से इस बारे में जब पूछताछ की तो उन्होंने संबंधित एसडीएम और बीडीओ से शिकायत न दर्ज करने बारे जवाब तलब किया। लोकेंद्र सिंह और अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत का सीधे तौर पर राजनीतिकरण हुआ है, जिस कारण उनकी कोई सुनवाई नहीं हो पाई।
उन्होंने चेताया कि यदि जल्द ही पंचायत के विकास कार्यों की अनियमितताओं की जांच नहीं की गई तो वे इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग और जिला प्रशासन से पंचायत में हुई धाधंलियों की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
जनमंच में दो शिकायतों को डाला गया था। एक शिकायत प्राइमरी स्कूल कशोली स्कूल के भवन को लेकर थी। इस स्कूल को वर्ष 2000 से असुरक्षित घोषित किया है, बावजूद स्कूल में नया भवन नहीं बना है।
जनमंच में उनकी एक शिकायत को लाया गया लेकिन दूसरी शिकायत गायब पाई गई। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि जब उनकी शिकायत नहीं आई तो उन्होंने जनमंच की अध्यक्षता कर रहे कृषि मंत्री डॉ. मारकंडा से इसकी शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हो पाया।
उन्होंने कहा कि उनकी शिकायत को राजनीतिक खेल के चलते जनमंच में नहीं लाया गया है। उधर, जनमंच के प्रदेश संयोजक नरेंद्र बरागटा ने कहा कि वह फिलहाल शिमला से बाहर हैं। लौटने पर इसकी डीसी कुल्लू से रिपोर्ट लेंगे।