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प्रदेश के स्कूलों में चल रहे हैं नए खुले कॉलेज
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 16 Aug 2014 11:11 AM IST
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प्रदेश सरकार ने शिमला सहित विभिन्न जिलों में 14 नए कॉलेज खोले हैं। इनमें कांगड़ा के नगरोटा सूरियां, शिमला के चायल कोटी, कुमारसैन और ननखड़ी, कांगड़ा के खुंडियां, मंडी के नेरी, बलद्वाड़ा, रिवाल्सर, लडभड़ोल, संधोल, सोलन के धर्मपुर और दिग्गल, कुल्लू के गाड़ागुसैणी, सिरमौर के सराहां में नए 14 कॉलेज शामिल हैं।
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इन्हें खोलने की सरकार ने चुनावी घोषणाएं तो पूरी कर दीं, लेकिन अभी तक इनमें आधारभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। अधिकतर शिक्षक इन कॉलेजों में नहीं जाना चाहते हैं। छात्र-छात्राएं भी कम ही एडमिशन ले रहे हैं। हालत यह है कि अधिकतर नए कॉलेज स्कूलों में चल रहे हैं।
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इनमें सिरमौर का सराहां, सोलन का धर्मपुर और दिग्गल, कुल्लू के गाड़ागुसैणी, मंडी के लडभड़ोल और नेरी के नए कॉलेज शामिल हैं। कुमारसैन और कोटी कॉलेज किराए के भवन में चल रहे हैं। छात्र-छात्राओं का आरोप है कि इनमें अभी पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है।
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सात कॉलेज ऐसे हैं, जिनमें छात्रों ने 50 का आंकड़ा भी पार नहीं किया है। अन्य में 90 से भी कम छात्रों ने प्रवेश लिया है। प्रदेश के अन्य कॉलेजों में 21 जून से पढ़ाई शुरू हो चुकी है। प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डा. आरके कायस्था ने बताया कि सरकार को चाहिए कि जहां छात्र अधिक हैं, उन कॉलेजों की पढ़ाई में अधिक ध्यान देना चाहिए।
ऐसे कॉलेजों से प्राध्यापकों का स्थानांतरण करना सही कदम नहीं है। उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक डा. शशिभूषण सेखरी ने बताया कि इन कॉलेजों में कंप्यूटर और फर्नीचर खरीदने को ग्रांट जारी कर दी है।
पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अन्य कॉलेजों से सरपल्स शिक्षकों को इनमें भेजा गया है। शिक्षा को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।