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Shimla News: हिमाचल की संस्कृति को फिल्मों में उतारेंगे कॉलेज विद्यार्थी
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अंतर महाविद्यालयी महोत्सव में आरकेएमवी देगा प्रतिभा दिखाने का मौका
कैमरों में कैद होगी संस्कृति और विरासत की झलक
विद्यार्थी 5 सितंबर तक करवा सकेंगे पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल की संस्कृति अब तस्वीरों और फिल्मों में नजर आएगी। राजकीय कन्या महाविद्यालय (आरकेएमवी) शिमला ने अपना हिमाचल अंतरमहाविद्यालयी महोत्सव शुरू किया है।
इसमें विद्यार्थी कैमरे के माध्यम से प्रदेश की लोक संस्कृति और विरासत को सामने रखेंगे। महोत्सव में प्रदेश के मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। पंजीकरण की अंतिम तिथि 5 सितंबर रखी है। प्रविष्टियां 4 अक्तूबर तक जमा करनी होंगी। 5 से 10 अक्तूबर तक प्रारंभिक चयन होगा। अंतिम मुकाबला नवंबर में आरकेएमवी परिसर में होगा। प्रतियोगिता में 3 रचनात्मक श्रेणियां रखी हैं। पहली श्रेणी छायाचित्र कथा की है। इसमें 5 तस्वीरों के जरिये हिमाचल की कहानी बतानी होगी। दूसरी श्रेणी लघु चल-चित्र की है। इसमें 30 से 40 सेकंड की प्रस्तुति तैयार करनी होगी। तीसरी श्रेणी लघु फिल्म की है। इसमें 2 से 3 मिनट की फिल्म बनानी होगी।
प्रतियोगिता में हिमाचली लोक परंपराएं, स्थानीय विरासत, पारंपरिक बुनाई, खान-पान और क्षेत्रीय त्योहार प्रमुख विषय रहेंगे। विद्यार्थी अपने क्षेत्र की अनदेखी संस्कृति और स्थानीय जीवन को भी रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत कर सकेंगे। हर महाविद्यालय प्रत्येक श्रेणी में 1 प्रविष्टि भेज सकेगा। छायाचित्र कथा में 1, लघु चल-चित्र में 2 और लघु फिल्म में 3 से 5 विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे। एक विद्यार्थी केवल एक दल का हिस्सा बन सकेगा। मूल्यांकन में विषय की प्रस्तुति, तकनीकी कौशल, मौलिकता और प्रभाव को आधार बनाया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी में महाविद्यालयों को 2 वर्गों में बांटा है। दोनों वर्गों के विजेताओं को अलग-अलग नकद पुरस्कार मिलेंगे। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि प्रविष्टियां मौलिक होनी चाहिए। किसी भी तरह की नकल या कृत्रिम सामग्री मिलने पर प्रविष्टि निरस्त की जा सकती है। राजनीतिक, सांप्रदायिक या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री भी स्वीकार नहीं होगी।
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कैमरों में कैद होगी संस्कृति और विरासत की झलक
विद्यार्थी 5 सितंबर तक करवा सकेंगे पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल की संस्कृति अब तस्वीरों और फिल्मों में नजर आएगी। राजकीय कन्या महाविद्यालय (आरकेएमवी) शिमला ने अपना हिमाचल अंतरमहाविद्यालयी महोत्सव शुरू किया है।
इसमें विद्यार्थी कैमरे के माध्यम से प्रदेश की लोक संस्कृति और विरासत को सामने रखेंगे। महोत्सव में प्रदेश के मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। पंजीकरण की अंतिम तिथि 5 सितंबर रखी है। प्रविष्टियां 4 अक्तूबर तक जमा करनी होंगी। 5 से 10 अक्तूबर तक प्रारंभिक चयन होगा। अंतिम मुकाबला नवंबर में आरकेएमवी परिसर में होगा। प्रतियोगिता में 3 रचनात्मक श्रेणियां रखी हैं। पहली श्रेणी छायाचित्र कथा की है। इसमें 5 तस्वीरों के जरिये हिमाचल की कहानी बतानी होगी। दूसरी श्रेणी लघु चल-चित्र की है। इसमें 30 से 40 सेकंड की प्रस्तुति तैयार करनी होगी। तीसरी श्रेणी लघु फिल्म की है। इसमें 2 से 3 मिनट की फिल्म बनानी होगी।
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प्रतियोगिता में हिमाचली लोक परंपराएं, स्थानीय विरासत, पारंपरिक बुनाई, खान-पान और क्षेत्रीय त्योहार प्रमुख विषय रहेंगे। विद्यार्थी अपने क्षेत्र की अनदेखी संस्कृति और स्थानीय जीवन को भी रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत कर सकेंगे। हर महाविद्यालय प्रत्येक श्रेणी में 1 प्रविष्टि भेज सकेगा। छायाचित्र कथा में 1, लघु चल-चित्र में 2 और लघु फिल्म में 3 से 5 विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे। एक विद्यार्थी केवल एक दल का हिस्सा बन सकेगा। मूल्यांकन में विषय की प्रस्तुति, तकनीकी कौशल, मौलिकता और प्रभाव को आधार बनाया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी में महाविद्यालयों को 2 वर्गों में बांटा है। दोनों वर्गों के विजेताओं को अलग-अलग नकद पुरस्कार मिलेंगे। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि प्रविष्टियां मौलिक होनी चाहिए। किसी भी तरह की नकल या कृत्रिम सामग्री मिलने पर प्रविष्टि निरस्त की जा सकती है। राजनीतिक, सांप्रदायिक या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री भी स्वीकार नहीं होगी।
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