कॉलेज में हाजिरी: आई फोन के लिए अपग्रेड होगा एप, शिक्षा निदेशालय ने लिया निर्णय, फिलहाल रहेगी ये व्यवस्था
निदेशालय ने साफ किया है कि आईओएस वर्जन तैयार होने तक प्राध्यापक पारंपरिक रजिस्टर या किसी अन्य एंड्रॉइड से अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएं।
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सरकारी कॉलेजों में प्राध्यापकों की उपस्थिति के लिए राज्य सरकार ने एप्लीकेशन को आईओएस मोबाइल फोन के लिए भी अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। जल्द ही यह एप आईफोन उपयोग करने वाले शिक्षकों के लिए उपलब्ध होगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में सभी कॉलेज प्राचार्यों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। निदेशालय ने साफ किया है कि आईओएस वर्जन तैयार होने तक प्राध्यापक पारंपरिक रजिस्टर या किसी अन्य एंड्रॉइड से अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएं। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेस विभाग ने एप विकसित किया है। कॉलेजों में प्राध्यापकों की मोबाइल से हाजिरी दर्ज करने के फैसले का प्राध्यापक संघ विरोध कर रहा है।
बीते दिनों संघ के पदाधिकारियों ने एप को लेकर कई आपत्तियां जताई थीं। इसके बाद निदेशालय ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए अधिकांश आपत्तियां दूर कर दी थीं। अब आईओएस फोन को लेकर आ रही समस्या को भी दूर करने की पहल शुरू कर दी है। विभाग का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी दक्षता बढ़ाना है। जियोफेंस आधारित तकनीक कॉलेज परिसर की सीमा के भीतर ही उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा देती है, जिससे फर्जी हाजिरी की संभावनाएं खत्म होती हैं। सरकार का कहना है कि यह सिस्टम न सिर्फ शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करेगा, बल्कि कॉलेजों में शिक्षण की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाएगा। अधिकारियों के अनुसार, एंड्रॉइड पर एप चल रहा है। अब आईओएस समर्थित वर्जन के लॉन्च होने से सभी शिक्षकों को समान सुविधा उपलब्ध होगी।
सीएम के निर्देश पर विभाग ने तैयार किया एप्लीकेशन
एप का नया वर्जन परीक्षण अंतिम चरण में है। जल्द ही सभी कॉलेजों तक इसकी सूचना भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह नई तकनीकी व्यवस्था कॉलेजों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगी और शिक्षण कार्य को और अधिक अनुशासित व परिणामोन्मुख बनाएगी।- डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक