14 हजार फीट की ऊंचाई पर हुआ अनूठा प्रयोग, बना रिकॉर्ड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
14 हजार फीट से ज्यादा ऊंचाई वाले रोहतांग दर्रे पर अनूठा प्रयोग कर हिमाचल ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। ऐसा करने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बन गया है। हिमाचल ऐसा पहला राज्य है जिसने इतनी ऊंचाई क्षेत्र में सीएनजी बस का सफल ट्रायल किया है।
ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के बाद रोहतांग में सीएनजी बस का ट्रायल सफल रहा है। दिल्ली से लाई गई 27 सीटर सीएनजी बस मंगलवार सुबह मनाली से अधिकारियों और विशेषज्ञों को लेकर 6:40 बजे रवाना हुई। 9:40 बजे यह बस रोहतांग दर्रे पर पहुंची।
तीन घंटे के इस सफर के दौरान मढ़ी में 15 मिनट का ब्रेक लिया गया। टीम को आशंका थी कि रोहतांग के न्यूनतम तापमान में कहीं फ्यूल जम तो नहीं हो जाएगा। लिहाजा, बस को एक घंटे रोहतांग दर्रे पर खड़ा रखा गया। लेकिन फ्यूल नहीं जमा और बस स्टार्ट हो गई।
सैलानियों के लिए अच्छी खबर
ट्रायल के बाद मनाली में मीडिया से बातचीत में उपायुक्त राकेश कंवर ने कहा कि ट्रायल के लिए भेजी गई बस सफलतापूर्वक रोहतांग पहुंच गई। उन्होंने बताया कि अब वीरवार को एक बार फिर बस का रोहतांग के लिए ट्रायल होगा। ट्रायल के दौरान एनजीटी की टीम भी मौजूद रहेगी।
बस बिना समस्या पहुंच गई तो रोहतांग पर सीएनजी बसें चलाने को हरी झंडी मिल जाएगी। वहीं, एसडीएम मनाली ज्योति राणा ने बताया कि जल्द ही इसकी रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को भेजी जाएगी। रोहतांग पर पहले ही एनजीटी ने दूसरे वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी लगा रखी है। ऐसे में ये बस सेवा सैलानियों के लिए अच्छी खबर लेकर आई है।
सीएनजी बस चलाकर हिमाचल ने बनाया रिकॉर्ड
वहीं, परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि 14000 फीट से ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्र में सीएनजी बस का सफल ट्रायल कर हिमाचल ने रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में सीएनजी स्टेशनों को चिह्नित कर उनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।
फंडिंग के लिए एनजीटी के सामने पक्ष रखा जाएगा। मनाली और रोहतांग में टैक्सी व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए पॉलिसी बनाई जाएगी। टैक्सी ऑपरेटर कोआपरेटिव सोसायटी बनाकर उनसे मिल सकते हैं।
नई पॉलिसी के तहत मनाली और रोहतांग की टैक्सियों को सीएनजी में तबदील कर इन वाहनों को दोबारा इस क्षेत्र में अवागमन के परमिट प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार प्रयास करेगी। टैक्सी ऑपरेटरों को एचआरटीसी स्पेशल रूट देकर रोजगार देगी। इसी क्षेत्र में इन सोसायटियों को सीएनजी बस रूट देने का भी प्रावधान किया जाएगा।
हिमाचल में जल्द चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें
बाली ने कहा कि हिमाचल में इलेक्ट्रिक बसें चलाने को लेकर प्रदेश सरकार ने केंद्र के सामने पक्ष रखा है। केंद्रीय परिवहन मंत्री से बात की गई है। उन्होंने भी संजीगदी दिखाई है।
अभी भी ये सवाल कायम
-बस मंगलवार को भेजी, इस दिन यहां कोई भी पर्यटक वाहन नहीं चलता
-सड़क खाली होने से आसानी से पहुंच गई बस, कल असल ट्रायल
-सेवा शुरू होती है तो कहां से होगी सीएनजी आपूर्ति, अभी नहीं है इसकी तैयारी
-नवंबर-दिसंबर में क्या सीएनजी बसों का फ्यूल नहीं जमेगा?