जीएस बाली को लेकर सीएम वीरभद्र सिंह ने दिया बड़ा बयान, जानिए क्या बोले
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परिवहन मंत्री जीएस बाली के भाजपा में जाने की चर्चाओं के सवाल पर सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि हम चाहते हैं कि वह कांग्रेस पार्टी में ही रहें। अगर वह जाना चाहते हैं तो जाएं, हम उनकी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।
सीएम सियुंड में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के बयान पर सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि नेताओं की रिटायरमेंट की उम्र नहीं होती है, यदि ऐसी कोई उम्र होती तो भाजपा के कई नेता रिटायर हो जाते।
व्यक्ति विशेष के प्रति वफादार हैं कांग्रेस के लोग
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस के लोग आजकल पार्टी के बजाय व्यक्ति विशेष के प्रति वफादार हैं। कांग्रेस आज भी एक मजबूत पार्टी है, लेकिन कुछ बदलाव समय की मांग है और जितना जल्द हो सके पार्टी के भविष्य के लिए यह बदलाव बेहतर होगा। जो किसी बैनर तले अचानक उभरे हैं, उनके लिए टिकट मुद्दा नहीं हो सकता। मैं पार्टी के अंदर और बाहर सभी को जानता हूं। केवल योग्य उम्मीदवारों को ही टिकट दिए जाएंगे।
परिवहन मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे पेंशनर
हिमाचल पथ परिवहन निगम पेंशनर संघर्ष समिति ने परिवहन मंत्री जीएस बाली के खिलाफ मोर्चा खोलने का एलान किया है। समिति ने कहा है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में मंत्री के खिलाफ प्रचार किया जाएगा। समिति ने आरोप लगाया कि बाली ने मंत्री होते हुए पेंशनरों की समस्याएं बढ़ाई हैं। निगम में बसों की खरीद, स्पेयरपार्ट्स की खरीद और निगम में हुई भर्तियों की प्रक्रिया की सीबीआई या फिर हाईकोर्ट के जज से जांच करवाई जाए।
समिति के महासचिव रोशन चौहान ने प्रेसवार्ता में कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में निगम के पेंशनरों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही है। इसके अलावा उन्हें डीए की किस्त जुलाई 2015 से पेंडिंग हैं और उनका भुगतान नहीं हो रहा है। मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं हो रहा है। कहा कि समिति की बैठक में तय हुआ कि विधानसभा चुनाव में निगम के 5500 से अधिक पेंशनर सरकार का विरोध करेंगे।
परिवहन निगम के पेंशनरों का एक बड़ा समूह परिवहन मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र नगरोटा बगवां जाकर वहां उनके खिलाफ प्रचार करेगा। चौहान ने निगम प्रबंधन पर जीपीएफ के कथित तौर पर दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। कहा कि निगम ने करीब दो सौ करोड़ रुपये को खर्च किया है, जबकि वह ऐसा नहीं कर सकते। उन्होंने सरकार से मांग की कि इसकी जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि वे जल्द हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को इस संबंध में पत्र लिखेंगे।