सीडी केस: सीएम बोले गलती की है तो माफी मांगें वरना..
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हिमाचल में स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर की कथित सीडी को लेकर उठ रहे सवालों का सीएम वीरभद्र सिंह ने तगड़ा जवाब दिया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भरी जनसभा में कहा है कि उन पर साजिश के आरोप निराधार हैं। वह इस प्रकरण के तमाम तथ्य सामने लाकर रहेंगे। किसी का नाम लिए बगैर सीएम ने कहा कि इंसान गलती का पुतला है।
गलतियां होती हैं तो जनता से माफी मांगनी चाहिए वरना चुप रहना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि मंत्री, विधायक और अधिकारी सभी नैतिकता में रहें। मंडी में कौल सिंह की मीडिया से बातचीत के बाद वीरभद्र सिंह बुधवार को बिलासपुर के सिहड़ा में पेयजल योजना का शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
बर्दाश्त नहीं की जाएंगी धमकियां
सीएम ने कहा कि द्राभला सड़क मामले की जांच के लिए सीआईडी ने भाजपा शासनकाल के दौरान फोन टेप किए थे। अब सीडी में एक मंत्री की आवाज आई है। अब उन पर साजिश के आरोप लगाए जा रहे हैं। मुझे ऐसे काम करने की कोई जरूरत नहीं है।
वह किसी तरह की धमकियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन के अलावा नेताओं और जन प्रतिनिधियों को निजी जीवन में भी नैतिकता अपनानी चाहिए।
वहीं, सीडी मामले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है, जल्द एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है। डीजीपी ने कहा कि सरकार के आदेश पर छानबीन की जा रही है। सीएम ने बिलासपुर में कहा है कि डाक से आई सीडी कोई नई बात नहीं है। इसकी जांच करवाई जाएगी।
कौल सिंह ने दिया था ये बयान
इससे पहले एक प्रेसवार्ता में ऑडियो सीडी प्रकरण के लपेटे में आए हिमाचल के स्वास्थ्य, राजस्व और कानून मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि ‘मैंने सीडी को सुना है, लेकिन उसमें मेरी आवाज नहीं है। सीडी को कट एंड पेस्ट कर बनाया है। इसमें कौन महिला बात कर रही है मैं नहीं जानता।
मेरे चरित्र हनन के लिए राजनीतिक षड्यंत्र के तहत सीडी जारी की गई।’ सीडी प्रकरण की जांच न करने के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बयान पर भी कौल सिंह आहत दिखे। बोले, मुख्यमंत्री की जांच न कराने की बात से मैं सहमत नहीं हूं। मेरा चरित्र हनन हुआ है और इसमें एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। केस दर्ज न होने से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस घिनौनी हरकत में कौन लोग हैं, जिन्हें मेरे से खतरा हो सकता है।
कौल ने उठाए थे ये सवाल
मंडी में बुधवार को कौल सिंह ठाकुर फिर प्रेस के सामने थे। चर्चित सीडी सामने आने के बाद उन्होंने पहली बार स्पष्ट किया कि इसमें उनकी आवाज नहीं है। इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पत्रकारों से कहा था कि कौल सिंह को ये साफ करना चाहिए कि सीडी में जो आवाज है, वो उनकी है या नहीं। कौल सिंह ने बुधवार को फिर अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि अगर पूर्व भाजपा सरकार के समय फोन टैप हुए हैं तो इसका सारा रिकॉर्ड कांग्रेस सरकार, विजिलेंस, सीआईडी और आईपीएस अधिकारी एपी सिंह के पास था। इसकी जांच होनी चाहिए कि सीडी कब और कैसे बनी। कौल सिंह ने कहा कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत मुझे बदनाम करने के लिए जारी सीडी की जांच न करवाने के मुख्यमंत्री के बयान से वह सहमत नहीं हैं।
उनके अनुसार रोहडू से उन्होंने डीजीपी संजय कुमार को टेलीफोन कर एफआईआर दर्ज करने को कहा। एसपी शिमला से भी इस बारे में बात की। इसके बाद भी पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। मामले में पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई तो कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। कौल सिंह ने कहा कि वॉइस टेस्ट तभी हो सकता है, जब पुलिस मामले की जांच करेगी। मामले की सीबीआई जांच हो जाए। इसके लिए मैं तैयार हूं।