'नेहरू के समय से हूं पार्टी में, मैं कोई आया राम गया राम नहीं'
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आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई जांच का सामना कर रहे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बुधवार को दशहरा उत्सव के समापन समारोह के दौरान कहा कि वे आया राम गया राम नहीं। वे जिस पार्टी के हैं, उसी में रहेंगे। उन्होंने कहा कि मैं नेहरू के समय से पार्टी में हूं। सीएम ने कहा कि राजनीति में रहूं या न रहूं पर लोगों की सेवा करता रहूंगा।
पार्टी एकजुट है। एक-दो लोग जो महत्वाकांक्षा पाल बैठे हैं, वे रात के अंधेरे में बातें करते हैं, दिन के उजाले में वे भी कुछ नहीं बोल पाते। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की ओर से रचाए गए कई मामलों में वे पहले भी बरी हो चुके हैं। इस बार भी भाजपा की ये एक चाल है। संपत्ति के बारे में सीएम ने कहा कि वे कोई खानाबदोश परिवार से नहीं हैं।
धूमल को थानेदार होना चाहिए था
सीएम ने कहा कि वे जवाहर लाल नेहरू के समय सांसद बने थे। 1983 में केंद्रीय मंत्री और 1984 में हिमाचल के सीएम बने। उन्होंने कहा कि लड़ाई सिद्धांतों की लड़ी है, आपसी नहीं। मुख्यमंत्री ने शांता कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि प्रेम कुमार धूमल को राजनीति में नहीं आना चाहिए था। धूमल को तो थानेदार होना चाहिए था।
खबरें खिलाफ न छापने की नसीहत
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मंच से अखबारों का नाम लेते हुए उनके खिलाफ खबरें न छापने की नसीहत भी दी। सीएम ने कहा कि कुछ समाचार पत्र उनकी छवि को खराब कर रहे हैं। सरकार मजबूत है और सभी विधायक उनके साथ खड़े हैं।