मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का बड़ा एलान, आप भी पढ़िए
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कॉलेजों के मुद्दे को लेकर बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए ही यह फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के कई कॉलेजों में 498 शिक्षकों के पद खाली हैं। इन्हें हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से बारी-बारी भरने की प्रक्रिया चल रही है।
नए खोले कॉलेजों में आर्ट्स की कक्षाएं शुरू की गई हैं। 248 पदों को डिग्री कॉलेजों और छह पदों को संस्कृत कॉलेजों में भरने की संस्तुति भेजी गई है। इनमें से 20 पदों की स्वीकृति हाल ही में मिली है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि जब विधानसभा चुनाव नजदीक आए तो भाजपा ने प्रदेश में धड़ाधड़ डिग्री कॉलेज खोले। बिना बजट प्रोविजन के ही चुनाव को ध्यान में रखकर ऐसा किया गया।
भाजपा के विधायकों को लिया आड़े हाथ
सीएम ने यह जानकारी सिराज से भाजपा विधायक जयराम ठाकुर और नादौन से भाजपा विधायक विजय अग्निहोत्री के संयुक्त प्रश्न के उत्तर में दी। वीरभद्र ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने जल्दबाजी में कॉलेज खोले थे, वहां फट्टे तो लगा दिए और स्टाफ एवं अन्य व्यवस्था नहीं की। बजट का कोई प्रबंध नहीं किया गया। केवल चपरासी ही नियुक्त किए गए। कांग्रेस सरकार ने बहुत से कॉलेज अधिसूचित किए। उन्हें भूमि दी। इन पर भवन भी बना रहे हैं।
अब तक 16 डिग्री कॉलेज खोल दिए गए हैं। प्रत्येक कॉलेज के भवन को पांच-पांच करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इसी वित्त वर्ष में इन सारे कॉलेज भवनों को बनाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि खास यह है कि इस कॉलेज में काफी संख्या में विद्यार्थी एडमिशन ले रहे हैं। इनमें लड़कियां ज्यादा हैं। सीएम ने कहा कि हम रीयल कॉलेज खोलना चाहेंगे। ये लोकसभा चुनाव से पहले भी खोले गए हैं।
सीएम बोले, आपको हड़बड़ाने की जरूरत नहीं
देहरा से भाजपा विधायक रविंद्र सिंह रवि ने कहा कि कांग्रेस ने भी लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कॉलेज खोले। रवि की इस टिप्पणी पर सीएम वीरभद्र बोले- आपको हड़बड़ाने की जरूरत नहीं है। गुस्सा मत करो। भाजपा के समय में पंजाब की तर्ज पर वेतनमान देने को कैबिनेट सब कमेटी तक बनाई गई।
चुनाव से पहले इससे संबंधित सिफारिशें कर दी गईं। कॉलेज एग्जीक्यूटिव बॉडी बनाकर नहीं खोले जाते। कांग्रेस सरकार ने तो इन कॉलेजों के भवन निर्माण को पांच-पांच करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। जरूरत के मुताबिक बजट और भी दिया जा सकता है।
स्कूल-कॉलेज खोलना पॉलिटिकल एजेंडा नहीं- सरकार के लिए स्कूल और कॉलेज खोलना पॉलिटिकल एजेंडा नहीं है। ये आपके लिए पॉलिटिकल एजेंडा हो सकता है। डॉ. परमार के समय में रामपुर कॉलेज में 17 बच्चे और 23 शिक्षक होते थे। आज ढाई-तीन हजार बच्चे हैं। प्रदेश में अन्य जगहों में जहां भी कॉलेज खोले गए हैं, वहां बच्चों की तादाद धीरे-धीरे बढ़ेगी।