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सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे ने पीजीआई में दम तोड़ा

Sat, 11 Feb 2017 08:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 11 Feb 2017 08:42 AM IST
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CM Virbhadra Singh relative dies in PGI Chandigarh
आकांक्ष सेन - फोटो : File Photo

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे आकांक्ष सेन की पीजीआई में इलाज के दौरान मौत हो गई। उस पर वीरवार सुबह 5 बजे सेक्टर-9 में दो युवकों ने बीएमडब्ल्यू गाड़ी चढ़ा दी थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों लांडरा निवासी मेहताब सिंह उर्फ फरीद सिंह राड़ेवाल और सोहाना निवासी बलराज सिंह रंधावा के खिलाफ अब हत्या की धारा जोड़ दी है।

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वहीं, पुलिस अभी दोनों फरार आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है। पुलिस की टीमें शुक्रवार को भी पंजाब के विभिन्न इलाकों में छापे मारती रही, लेकिन आरोपियों का कुछ पता नहीं चला। वीरवार सुबह से ही कोमा में चल रहे आकांक्ष सेन ने शुक्रवार शाम को पीजीआई में अंतिम सांसें लीं।
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आकांक्ष की हालत नाजुक बनी हुई थी और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। पुलिस के अनुसार आकांक्ष सेन पर बलराज सिंह रंधावा ने गुस्से में बीएमडब्ल्यू चढ़ा दी थी। कार का टायर उसके सिर के ऊपर से गुजर गया था।

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पुलिसकर्मियों पर छोड़े कुत्ते

CM Virbhadra Singh relative dies in PGI Chandigarh

डीएसपी सेंट्रल राम गोपाल ने बताया कि आकांक्ष की मौत के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर दिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वीरवार को पुलिस पार्टी जब आरोपियों को पकड़ने के लिए

लुधियाना गई थी तो दो पुलिसकर्मियों पर कुत्ते छोड़े गए। मगर पुलिसकर्मियों ने इसकी शिकायत नहीं दी है। डीएसपी ने कहा कि पुलिस टीम को रेड करते वक्त पूरी सावधानी बरतनी चाहिए थी। अंदर कुछ भी हो सकता था।

पीजीआई में अतिरिक्त सिक्योरिटी गार्ड और पुलिसकर्मी करने पड़े तैनात
जैसे ही शुक्रवार शाम को डॉक्टरों ने आकांक्ष सेन को मृत घोषित किया, पीजीआई के बाहर उसके माता-पिता, भाइयों और बहनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। हिमाचल प्रदेश से भी उनके रिश्तेदार पहुंचने लगे। पीजीआई ट्रामा सेंटर के बाहर रिश्तेदारों और दोस्तों की भारी

भीड़ जमा हो गई। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर के बाहर पीजीआई प्रशासन ने अतिरिक्त सिक्योरिटी गार्ड और पुलिस कर्मचारियों को तैनात कर दिया। वहीं आकांक्ष सेन की मौत के बाद सेक्टर 9 में उनके कैफे बूम बॉक्स को भी बंद कर दिया गया।

पुलिस पर लगाया अकाली नेता को बचाने का आरोप

CM Virbhadra Singh relative dies in PGI Chandigarh

सीएम वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य ने यूटी पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। विक्रमादित्य ने कहा कि पुलिस अकाली दल के नेता फरीद सिंह राड़ेवाल को बचाने में लगी हुई है। फरीद सिंह राडे़वाल प्राइम मिनिस्टर ऑफ पटियाला ईस्ट स्टेट रहे ज्ञान सिंह राडे़वाल का पड़पोता है। ज्ञान सिंह राड़ेवाल कैरों सरकार में मंत्री भी रहे थे।

पीजीआई पहुंचे सीएम 
भतीजे की मौत की खबर के बाद हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भी पीजीआई पहुंचने की सूचना है। जबकि वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह और बेटा विक्रमादित्य वीरवार को ही पीजीआई पहुंच गए थे। वहीं हिमाचल प्रदेश के डीजीपी संजय कुमार भी पीजीआई पहुंच गए।

प्रतिभा सिंह के सबसे बड़े भाई का बेटा था आकांक्ष
चंडीगढ़ में सड़क हादसे का शिकार हुआ आकांक्ष सेन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह के सबसे बड़े भाई अरुण सेन का बेटा था। अरुण सेन जिला सोलन की कुठाड रियासत के राणा हैं। प्रतिभा सिंह के दूसरे भाई वीर विक्रम सेन जुन्गा और छोटे भाई पृथ्वी विक्रम सेन शिमला में रहते हैं।

कुठाड़ रियासत ने खोया अपना अंतिम चिराग

CM Virbhadra Singh relative dies in PGI Chandigarh

जिला सोलन की कृष्णगढ़ रियासत का अंतिम चिराग बुझ गया है। शुक्रवार को चंडीगढ़ में सड़क हादसे में घायल मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह के भाई अरुण सेन के बेटे की आकांक्ष सेन ने दम तोड़ दिया। करीब 15 साल पहले इसी शाही परिवार ने करनाल-दिल्ली नेशनल हाईवे पर 14 वर्षीय बेटे को खो दिया था। अब परिवार में इकलौती बेटी बची है। जिसका विवाह मध्य प्रदेश में हुआ है।

शनिवार दोपहर ढाई बजे पैतृक गांव कुठाड़ में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। 28 साल के इस युवा की मौत से हर कोई स्तब्ध है। हादसे ने पिता और मां निमी सेन के अपने इकलौते चिराग के विवाह के सपने को भी अधूरा छोड़ दिया। आकांक्ष की शिक्षा पाइनग्रोव स्कूल में हुई है।

उनके शिक्षक देवेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि आकांक्ष बचपन से ही काफी होनहार था। 2006 में वह हेड ब्वाय रहा। अंग्रेजी में उसकी बेहतरीन पकड़ थी। वाद-विवाद प्रतियोगिता में उसका कोई मुकाबला नहीं था। जमा दो की पढ़ाई सीबीएसई बोर्ड से 96 फीसदी अंकों के

साथ उत्तीर्ण की थी। इसके बाद दिल्ली के श्रीराम कॉलेज में उच्च शिक्षा ग्रहण की। कुठाड़ रियासत के वंशज अरुण सेन ने अपने बड़े बेटे स्वर्गीय सिद्धार्थ सेन के नाम से कृष्णगढ़ में एक निजी स्कूल भी चलाया है। जहां वह क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देकर उनका भविष्य संवारने का प्रयास कर रहे हैं।

अरुण सेन सीएम के बेहद करीबी
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साले अरुण सेन उनके बेहद खास माने जाते हैं। मौजूदा समय में हिमाचल सरकार के हिम ऊर्जा विभाग में उन्हें निदेशक मनोनीत किया गया है। इससे पूर्व भी वह कांग्रेस की सरकार में उद्योग विभाग के निदेशक रह चुके हैं।

जिला परिषद सोलन में जनप्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे अरुण सेन उपाध्यक्ष रहे हैं। बीडीसी धर्मपुर में वह चेयरमैन रहे हैं। इसके अलावा दो दफा पंचायत प्रधान और कांग्रेस पार्टी की जिला सोलन कमेटी के प्रधान भी रहे हैं।

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