पीएम से मिले सीएम वीरभद्र, उठाई हिमाचल की ये 15 मांगें
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सीएम वीरभद्र सिंह ने मंडी में पीएम नरेंद्र मोदी से मिलकर हिमाचल की कई बड़ी मांगें उठाई। उन्होंने पीएम को अपना मांगपत्र सौंपकर जल्द ही इन्हें पूरा करने की मांग की। आइए जानते हैं सीएम ने हिमाचल की क्या मांगें उठाई-
1. सीएम ने हिमाचल को 1000 करोड़ रुपये का सालाना विशेष क्षतिपूर्ति अनुदान जारी करने की मांग की।
2. उन्होंने वन भूमि हस्तांतरण सीमा को 10 हजार हेक्टेयर करने की भी शक्ति मांगी।
3. शिमला से व्यावसायिक हवाई उड़ानों की सुविधाएं दिलाने और बीबीएमबी मामले में हिमाचल का हक दिलाने की मांग उठाई।
4. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनाओं की एनपीवी केंद्र सरकार की ओर से वहन करने का अनुरोध किया।
5. एआईबीपी और एफएमपी के तहत पूर्व स्वीकृत योजनाओं के लिए धनराशि जारी करने का आग्रह किया।
ये पांच मांगें भी उठाई
6. मनरेगा में भांग के पौधों को उखाड़ना, चाय बागानों को विकसित करने जैसी गतिविधियां शामिल करने की मांग भी की गई।
7. हिमाचल को हरित आवरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और पर्वतीय राज्यों में वनों के संरक्षण के लिए प्रति वर्ष कम से कम 1000 करोड़ रुपये का क्षतिपूर्ति अनुदान दिया जाए।
8. केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय में लंबित जल विद्युत प्रोजेक्टों को तुरंत मंजूरी दें।
9. हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्यों को सड़क निर्माण, पेयजल और जल विद्युत प्रोजेक्टों के निर्माण को वन भूमि के हस्तांतरण की सीमा को मौजूदा एक हेक्टेयर से बढ़ाकर 10 हेक्टेयर करने की शक्ति प्रदान करने का भी आग्रह किया।
10. राजधानी शिमला में कोई भी हवाई सुविधा नहीं है। लिहाजा, व्यावसायिक हवाई सुविधाएं बहाल करने के निर्देश जारी करें।
हिमाचल की ये मांगें भी पीएम को बताईं
11. एसजेवीएनएल से अतिरिक्त भूमि को इंजीनियरिंग कॉलेज कोटला ज्यूरी के इस्तेमाल को हिमाचल के लिए हस्तांतरित करवाया जाए।
12. वर्तमान में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में हिमाचल को कानूनी अधिकार दिया जाए कि उसे प्रबंधन में पूर्णकालिक सदस्य के रूप में प्रतिनिधित्व दें। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में हिमाचल की 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी को मान्यता दी थी। प्रधानमंत्री इस मामले में हस्तक्षेप करें।
13 हिमाचल ने पंजाब और हरियाणा राज्यों के विरुद्ध बदरपुर थर्मल पावर स्टेशन में 3957 करोड़ रुपये के विद्युत एरियर दावों को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुरूप दिलाएं।
14. उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना में 100 करोड़ रुपये की परियोजनाएं केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय से वित्त पोषित करवाएं।
15. सतलुज, ब्यास और रावी नदियों से हिमाचल के जल उपयोग अधिकारों को देखते हुए, हिमाचल को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड, मंत्रालयों, विभागों से जलापूर्ति योजनाओं और परियोजना से लगते प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की जलापूर्ति के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र दिए जाए। सीएम ने प्रधानमंत्री से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की शर्त को समाप्त करने का आग्रह भी किया।