पहली से 8वीं तक बदला पढ़ाई का तरीका, नहीं रहेगा मैथ और साइंस का डर
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ाई का तरीका बदलने जा रहा है। प्रदेश के सभी स्कूलों में प्रयास और प्रेरणा प्रोजेक्ट के तहत पढ़ाई करवाई जाएगी। वीरवार को मुख्यमंत्री ने शिमला में आयोजित कार्यक्रम के तहत दोनों प्रोजेक्ट लांच किए।
प्रेरणा अभियान जिला हमीरपुर में और प्रयास अभियान जिला बिलासपुर में सफलतापूर्वक चलाया गया है। दोनों जिलों में मिली सफलता के बाद प्रोजेक्ट अब पूरे प्रदेश के करीब 15 हजार स्कूलों में शुरू करने का फैसला लिया गया है।
प्रयास अभियान के तहत छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों में गणित और विज्ञान के प्रति रुचि पैदा की जाएगी। प्रेरणा अभियान के तहत पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों की भाषा, न्यूमरेसी पर काम किया जाएगा।
क्लासरूम में बच्चों के साथ कैसा व्यवहार करना है, इसका प्रशिक्षण शिक्षकों को दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश को सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत इस साल 838 करोड़ का बजट मिला है।
इन जिलों का रिकार्ड ऑनलाइन, मिड डे मील मोबाइल एप लांच
हमीरपुर, कांगड़ा, ऊना और मंडी जिलों के स्कूलों का पूरा रिकार्ड भी ऑनलाइन कर दिया गया है। इसका शुभारंभ भी वीरवार को मुख्यमंत्री ने किया।
एमआईएस योजना के तहत इन जिलों के स्कूलों में तैनात शिक्षकों, पढ़ने वाले बच्चों की संख्या, रिजल्ट, स्कूलों की स्थिति का डाटा एकत्र किया गया है। सीएसएम टेक्नोलॉजी कंपनी ने इस योजना को तैयार किया है। स्कूलों को एक विशेष कोड दिया गया है। इस योजना के तहत चार जिलों का रिकार्ड एक क्लिक पर मिल जाएगा।
मिड डे मील मोबाइल एप भी किया लांच
मुख्यमंत्री ने मिड डे मील पर नजर रखने के लिए वीरवार को मोबाइल एप भी लांच किया। इसके तहत हिमाचल में आटोमेटिड एसएमएस से कितने बच्चे स्कूल में मौजूद रहे और कितनों ने दोपहर को मिलने वाला निशुल्क भोजन किया, इसकी दोपहर दो बजे तक केंद्र और राज्य सरकार के पास एसएमएस के माध्यम से डिटेल पहुंच जाएगी।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक 5.30 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। इस योजना के तहत पहली से आठवीं कक्षा वाले सरकारी स्कूलों में मिड डे मील का काम देख रहे करीब 14 हजार शिक्षकों का प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने रिकार्ड तैयार कर लिया है।