{"_id":"dc9db7fabf99cd24640aacc658cfcce5","slug":"cm-virbhadra-singh-in-delhi-rally-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"'किसानों के हितों की कीमत पर कोई नीति बर्दाश्त नहीं'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'किसानों के हितों की कीमत पर कोई नीति बर्दाश्त नहीं'
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 20 Apr 2015 12:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रविवार को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ओर से आयोजित किसान, खेत-मजदूर रैली को संबोधित करते हुए कहा कि देश में किसानों के हितों की कीमत पर उद्योगों को बढ़ावा देने की नीति किसी भी कीमत पर कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की नीति की कांग्रेस सरकारें कभी भी हिमायती नहीं रही हैं और इस देश का पूरे विश्व में जो डंका बज रहा है। वह कांग्रेस की ही देन है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि देश की आजादी के बाद सभी प्रधानमंत्रियों ने किसानों के हितों की सदैव रक्षा की है और यही नही देश के भूमिहीन आम आदमी को जमीनों के मालिकाना हक दिलवाए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू से लेकर डा. मनमोहन सिंह तक सभी प्रधानमंत्रियों ने देश के विकास में किसानों की भूमिका को समझा है। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जैसे कांग्रेस के महान नेता को आज भी किसानों के हितैषी प्रधानमंत्री के रूप में याद किया जाता है और लोगों के मन में जय जवान जय किसान का नारा आज भी ताजा है।
विज्ञापन
वर्तमान केंद्र सरकार की मंशा पर कटाक्ष करते हुए वीरभद्र सिंह ने कहा कि देश के किसान मेहनतकश तथा भोले-भाले जरूर हैं, परंतु वे भाजपा की किसान विरोधी नीतियों से भी भली-भांति परिचित हैं।
मोदी सरकार के छद्म चेहरे को उजागर करेगी कांग्रेस- वर्तमान केंद्र सरकार की मंशा पर कटाक्ष करते हुए वीरभद्र सिंह ने कहा कि देश के किसान मेहनतकश तथा भोले-भाले जरूर हैं परंतु वे भाजपा की किसान विरोधी नीतियों से भी भली-भांति परिचित हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस मोदी सरकार के छद्म चेहरे को उजागर करके रहेगी । उन्होंने कहा कि भाजपा की दोहरी नीति का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब लोकसभा में यूपीए की सरकार ने भूमि अधिग्रहण बिल लाया था तो उस समय मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में भाजपा ने न केवल इसका समर्थन किया था, बल्कि इसकी प्रशंसा भी की थी और जब वह स्वयं सत्ता में आये तो उन्होंने बिल से किसानों के हितों के उन प्रावधानों को हटा दिया।