जेटली, धूमल और अनुराग की तिकड़ी रच रही षड्यंत्र: वीरभद्र
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल और सांसद अनुराग ठाकुर की तिकड़ी उन्हें बदनाम करने को झूठे प्रपंच और षड्यंत्र रच रही है। वे किसी से डरने वाले नहीं हैं। कहा कि इस तिकड़ी ने उन पर झूठे मुकदमे दायर करवाए हैं। प्रतिशोध की भावना से काम किया जा रहा है। तीन-तीन जांच एजेंसियों उनके पीछे लगा रखी हैं।
जनता सब कुछ जानती है और विरोधियों को मुंह की खानी होगी। सीएम दून विस क्षेत्र के दौरे के दौरान चंडी में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी तब से पहचान है, जब वे हिमाचल प्रभारी रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी साफ-सुथरी राजनीति करते हैं, लेकिन भाजपा के कुछ कद्दावर नेता उनके खिलाफ बेबुनियाद आरोप मढ़ने के लिए नित नई योजनाएं बनाते हैं।
प्रतिशोध की भावना से किया जा रहा काम, विरोधियों को मुंह की खानी पड़ेगी
वीरभद्र सिंह ने कहा कि वे विकास में विश्वास रखते हैं। कांग्रेस शासनकाल में प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया गया है। शिक्षा क्षेत्र में प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। प्रदेश एजूकेशन हब के रूप में देश में उभरा है। कहा कि बेशक विपक्ष उन पर तिरछी नजर रखकर उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहा है, लेकिन जनता सारी सच्चाई से वाकिफ है।
भ्रष्टाचार के मामले उन पर बनाए जा रहे हैं, जबकि उन्होंने अपने जीवन में कभी कोई भ्रष्टाचार नहीं किया है। इस दौरान उन्होंने चंडी मेला मैदान को 15 लाख, चंडी में आईपीएच कार्यालय खोलने, घड़सी दाड़वा हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाकर जमा दो, बद्दी में सीएचसी, गोयला में पीएचसी, बढ़लग और दुर्गापुर में आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी, चंडी, साई और मानपुरा में पशु औषधालय खोलने की घोषणा की।
सीबीआई की चार्जशीट पर 6 मई को होगी सुनवाई
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई की चार्जशीट पर सुनवाई के लिये विशेष अदालत ने 6 मई की तारीख तय की है। एजेंसी ने वीरभद्र सिंह, पत्नी प्रतिभा सिंह सहित नौ लोगों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में तीन अप्रैल को चार्जशीट दाखिल की थी।
पटियाला हाउस स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार गोयल की अदालत में वीरभद्र सिंह के मामले में सीबीआई की चार्जशीट पर बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। सीबीआई ने इस आरोप पत्र में वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान उनके सहयोगी चुन्नी लाल, जोगिन्द्र सिंह घट्टा, प्रेमराज, लवन कुमार रोच, वाकामुल्ला चंद्र शेखर व राम प्रकाश भाटिया को आरोपी बनाया है।
जांच में 192 प्रतिशत अधिक पाई गई है आय
सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं 109, 465, 471 और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13 (2), उपधारा 13 (1) (ई) के प्रावधानों के तहत आरोपपत्र दायर किया है। अपनी रिपोर्ट में सीबीआई ने करीब 222 गवाहों की भी सूची पेश की है। सीबीआई ने 23 सितंबर 2016 को वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान और एक सहयोगी चुन्नी लाल के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
आनंद चौहान के खिलाफ यह दूसरा मामला है। उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने 6 सितंबर 2016 को मनी लांड्रिंग प्रीवेंशन एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोपपत्र दायर किया था। सीबीआई ने आरोप पत्र में तर्क रखा है कि वीरभद्र सिंह 28 मई 2009 से 18 जनवरी 2011 और 19 जनवरी 2011 से 26 जून 2012 के दौरान केंद्र सरकार में बतौर मंत्री थे।
सीबीआई ने अनुसार आरंभिक जांच में पाया गया कि वीरभद्र सिंह ने 2009 से 2012 तक केंद्रीय मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति कथित तौर पर आय से अधिक अर्जित की थी। सीबीआई के अनुसार जांच में पता चला कि उनकी आय 192 प्रतिशत अधिक पाई गई है।