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सीएम वीरभद्र सिंह को आय से अधिक संपत्ति मामले में कोर्ट से बड़ी राहत

Fri, 01 Dec 2017 08:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 01 Dec 2017 08:46 AM IST
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cm virbhadra singh got permanent remission in money laundering case

हिमाचल प्रदेश के सीएम वीरभद्र स‌िंह व उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह को आय से अधिक संपत्ति मामले में पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व उनकी पत्नी को आय से अधिक संपत्ति मामले में पेशी से फिलहाल स्थायी छूट मिल गई है। 

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उन्हें अब आरोप तय होने के बाद कोर्ट में पेश होना होगा। वीरभद्र सिंह व प्रतिभा सिंह ने अर्जी दायर कर पेशी से स्थायी छूट मांगी थी।पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज संतोष स्नेही मान ने वीरभद्र सिंह व उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह को आरोपों पर बहस के दौरान पेशी से छूट दे दी है। 
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कोर्ट इसके बाद इस छूट पर दोबारा विचार करेगी। दंपति बृहस्पतिवार को सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश हुआ था। केस की सुनवाई के लिए 18 जनवरी 2018 की तारीख तय की गई है। सीबीआई ने इस अर्जी का विरोध करते हुए स्थायी छूट नहीं देने का आग्रह किया था।

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ईडी से 15 दिसंबर तक मांगा जवाब

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एजेंसी का कहना था कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। दूसरी ओर, अदालत ने मनी लांड्रिंग के मामले में आरोपी एलआईसी एजेंट आनंद सिंह चौहान की जमानत याचिका पर ईडी से 15 दिसंबर तक जवाब मांगा है। चौहान ने नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की है। 

वह पांच दिसंबर तक अंतरिम जमानत पर है। सीबीआई ने इस मामले में तीन अप्रैल 2017 को चार्जशीट दाखिल की थी। एजेंसी ने चार्जशीट में 225 गवाहों व 442 दस्तावेजों का हवाला दिया है। 

सीबीआई ने 23 सितंबर 2016 को वीरभद्र सिंह, प्रतिभा सिंह, आनंद चौहान और एक सहयोगी चुन्नी लाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।

सीबीआई ने आरोप पत्र में रखा ये तर्क

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सीबीआई ने आरोप पत्र में तर्क रखा है कि वीरभद्र सिंह 28 मई 2009 से 18 जनवरी 2011 और 19 जनवरी 2011 से 26 जून 2012 के दौरान केंद्र सरकार में बतौर मंत्री थे। 

सीबीआई ने अनुसार आरंभिक जांच में पाया गया है कि वीरभद्र सिंह ने 2009 से 2012 तक केंद्रीय मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति कथित तौर पर आय से अधिक अर्जित की थी।
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