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हिमाचल: सीएम सुक्खू बोले- भांग की खेती को कानूनी वैधता प्रदान करने पर विचार कर रही सरकार
Tue, 18 Apr 2023 10:49 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 18 Apr 2023 10:49 PM IST
सार
भांग की खेती का इतिहास लगभग 12 हजार वर्ष पुराना है। इसे मानव की ओर से उगाई गई सबसे पुरानी फसलों में गिना जाता है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश सरकार भांग की खेती को कानून वैधता देने पर विचार कर रही है। इसके लिए विधायकों की एक पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। यह समिति राज्य में भांग की खेती से जुड़े प्रत्येक पहलु का विस्तृत अध्ययन करेगी। समिति के सदस्य विभिन्न क्षेत्रों में अवैध तौर पर संचालित की जा रही भांग की खेती के स्थलों का भी दौरा करेगी। एक माह में समिति सरकार को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी। प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर ही प्रदेश सरकार कोई निर्णय लेगी। भांग की खेती का इतिहास लगभग 12 हजार वर्ष पुराना है। इसे मानव की ओर से उगाई गई सबसे पुरानी फसलों में गिना जाता है।
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एनडीपीएस एक्ट के तहत राज्यों को औषधीय उपयोग के लिए भांग की खेती को साधारण और विशेष आदेशों के तहत अनुमति देने की शक्तियां निहित की गई हैं। यह अनुमति केवल भांग के रेशे अथवा इसके बीज या बागवानी और औषधीय उपयोग के लिए ही दी जा सकती हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भांग की वैध खेती की संभावनाओं का पता लगाने के लिए एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। भांग की खेती वर्जित होने से कुछेक क्षेत्रों में चोरी-छिपे इसकी खेती की जा रही है।
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सुक्खू ने कहा कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सरकार भांग के औषधीय उपयोग की संभावनाओं पर सावधानीपूर्वक विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भांग की पत्तियों और इसके बीजों के उपयोग से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के बाद ही इस बारे में कोई नीति अथवा कानून बनाने पर विचार करेगी। केंद्र सरकार ने भी राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछेक जिलों में भांग की खेती को वैध दर्जा दिया । उत्तराखंड में भी औद्योगिक उपयोग के लिए भांग की खेती की जा रही है। सरकार इस बारे में अंतिम निर्णय लेने से पूर्व नियामक उपायों सहित सभी पहलुओं पर विस्तृत तौर पर गहन विचार करेगी और जिन राज्यों ने इसे कानूनी वैधता प्रदान की है, उसका भी अध्ययन किया जाएगा।
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देश में कई राज्यों में भांग की खेती को कानून की परिधि में रखा गया है। उत्तराखंड वर्ष 2017 में भांग की खेती को वैधता देने वाला देश का पहला राज्य बना। इसके अतिरिक्त गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी भांग की नियंत्रित खेती की जाती है। कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम और चेक गणराज्य सहित यूरोपीय यूनियन के कुछ देशों में भी भांग की नियंत्रित खेती की अनुमति दी गई है।