Himachal: सीएम सुक्खू बोले- ब्यास नदी में पहली बार खुद खनन शुरू करेगा वन विकास निगम
सोमवार को वन निगम के निदेशक मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह जानकारी दी। उन्होंने दोषी ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट कर जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए।
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वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) मंजूरी के बाद राज्य वन विकास निगम पहली बार ब्यास नदी में खुद खनन गतिविधियां शुरू करेगा। सोमवार को वन निगम के निदेशक मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह जानकारी दी। उन्होंने दोषी ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट कर जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए। साथ ही चल रही परियोजनाओं के दायरे में आने वाले पेड़ों को काटने की अनुमति डीएफओ स्तर के अधिकारियों को देने की संभावनाएं तलाशने को कहा।
उन्होंने निगम के डिपो में रखी इमारती लकड़ी की निस्तारण प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए, ताकि इसे खराब होने से बचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि वन निगम में कर्मचारियों की कमी दूर करने को 100 वनवीर नियुक्त किए जाएंगे। इस दौरान निगम ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए सीएम को मुख्यमंत्री को 51 लाख का चेक भी भेंट किया। बैठक में वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, प्रधान सचिव वन अमनदीप गर्ग, प्रधान मुख्य वन अरण्यपाल राजीव कुमार, प्रबंध निदेशक पबनेश शर्मा भी मौजूद रहे।
निगम के 227 कर्मियों को वित्तीय लाभ
निदेशक मंडल ने 2022-23 से निगम के 227 कर्मियों को वित्तीय लाभ देने को स्वीकृति प्रदान की। वहीं, दैनिक भोगियों की दिहाड़ी 400 रुपये करने, सभी कर्मियों को 1 अप्रैल 2024 से चार प्रतिशत महंगाई भत्ते की एक और किस्त जारी करने, दो वर्ष अनुबंध काल पूरा करने वाले 80 कर्मियों को नियमित करने का निर्णय लिया गया।
मानसून के दौरान गिरे पेड़ों से कमाए 2.50 करोड़
निगम ने वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 2.17 करोड़, 2022-23 में आठ करोड़ और 2023-24 में 10.04 करोड़ का लाभ अर्जित किया। पिछली बरसात में शिमला शहर में 618 पेड़ क्षतिग्रस्त हुए थे जिनकी लकड़ी बेचकर निगम ने 2.50 करोड़ रुपये कमाए।