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CM Sukhu: शॉल, टोपी, पुष्पगुच्छ के माध्यम से सम्मानित नहीं होंगे गण्यमान्य, आपदा के चलते लिया निर्णय
Sun, 27 Aug 2023 06:55 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 27 Aug 2023 06:55 PM IST
सार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 31 अक्तूबर तक विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के दौरान शॉल, टोपी, पुष्पगुच्छ आदि के माध्यम से गण्यमान्य व्यक्तियों को सम्मानित करने की रस्म पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
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इस निर्देशानुसार 31 अक्तूबर तक सरकारी कार्यक्रमों में कोई औपचारिक सम्मान समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। सीएम ने कहा है कि इससे पहले प्रदेश सरकार की ओर से 15 सितंबर तक क्षेत्र के दौरे के दौरान अति विशिष्ट व्यक्तियों को पारंपरिक रूप से दिए जाने वाले गार्ड ऑफ ऑनर को भी निलंबित किया गया है।
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यह निर्णय व्यवस्था में सार्थक व सकारात्मक परिवर्तन लाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का यह निर्णय प्राकृतिक आपदा के प्रबंधन के लिए संसाधनों के समुचित उपयोग और प्रशासन में औपचारिकता के बजाय संवेदनशील व प्रभावी कार्य संस्कृति के समावेश को भी रेखांकित करता है।
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