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Independence Day 2026: कर्मचारियों-पेंशनरों को मिलेगा एरियर, जानें स्वतंत्रता दिवस पर सुक्खू की बड़ीं घोषणाएं

Sat, 15 Aug 2026 11:52 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/हमीरपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/हमीरपुर। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 15 Aug 2026 11:52 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश के राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कर्मचारियों व अन्य वर्गों के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। सीएम ने हजारों पदों को भरने का भी एलान किया। जानिए मुख्यमंत्री की समारोह में की गईं बड़ी घोषणाएं...
 

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cm sukhvinder singh sukhu big announcements on independence day function 2026 Barsar, DA arrears
स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने कीं बड़ी घोषणाएं। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बड़सर में आयोजित हुए हिमाचल प्रदेश के राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कर्मचारियों व अन्य वर्गों के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की बजटीय प्रतिबद्धता के अनुरूप एनएचएम हिमाचल प्रदेश के तहत कार्यरत लगभग 9,000 आशा कार्यकर्ताओं को दिए जाने वाले मासिक प्रोत्साहन को 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये किया जाएगा। उन्होंने इस वृद्धि को लागू करने की घोषणा की। उन्होंने घोषणा की कि एनएचएम हिमाचल प्रदेश के तहत कार्यरत वे कर्मचारी, जिन्होंने अपने वेतन के युक्तिकरण के बाद सात वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें 1 अप्रैल 2026 से संशोधित वेतन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त सरकार की बजटीय प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए उन्होंने एनएचएम हिमाचल के तहत कार्यरत आउटसोर्स स्टाफ नर्सों, फार्मासिस्टों, ऑपरेशन थिएटर सहायकों और प्रयोगशाला तकनीशियनों के लिए 25,000 रुपये प्रतिमाह तथा डेटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए 18,000 रुपये प्रतिमाह संशोधित पारिश्रमिक की घोषणा की। संशोधित पारिश्रमिक 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा। 

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मुख्यमंत्री का ऑटोग्राफ पीठ पर लेने की जिद
बड़सर में आयोजित 80वें राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के समापन पर स्कूली बच्चों में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का ऑटोग्राफ लेने की होड़ दिखी। बच्चों की जिद अनोखी थी, वे मुख्यमंत्री से अपनी शर्ट की पिछली तरफ यानि पीठ पर ऑटोग्राफ चाहते थे। पहले तो मुख्यमंत्री ने यह कहकर मना कर दिया कि कमीज के पिछली तरफ ऑटोग्राफ देने से आपके मम्मी-पापा नाराज हो जाएंगे। लेलिन, जब बच्चे नहीं माने तो मुख्यमंत्री ने पीठ की तरफ ऑटोग्राफ दे दिए।
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विभिन्न विभागों में हजारों पदों को भरने का एलान
मुख्यमंत्री ने जल शक्ति विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 4,000 पद भरने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों ने प्रदेश के विकास में अमूल्य योगदान दिया है और हमारी सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा हमारी सरकार मल्टी टास्क वर्कर्स और आउटसोर्स कर्मचारियों की चिंताओं के प्रति संवेदनशील है। हम उनके मुद्दों से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और उन्हें उचित लाभ प्रदान करने के लिए नीति लाने पर विचार कर रहे हैं।  सीएम ने वन मित्रों का मानदेय 12,000 रुपये करने का एलान किया। उन्होंने सभी पंचायतों में मल्टी टास्क वर्करों के 400, शिक्षा विभाग में जूनियर असिस्टेंट लाइब्रेरी के 200 व जिला परिषद के अधीन पंचायतों में जाॅब ट्रेनी तकनीकी सहायक के 280 पद भरने का भी एलान किया। साथ ही 1975 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में एक-एक चौकीदार तथा एक-एक मल्टी टास्क वर्कर के चार हजार पद भरने की बात कही। 

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कर्मचारियों, पेंशनरों के लिए बड़ी घोषणा
सीएम ने कहा कि वर्तमान सरकार के सत्ता में आने से पूर्व पिछली सरकार वेतन व पेंशन एरियर के रूप में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी छोड़ गई थी। सरकार हमेशा कर्मचारियों एवं पेंशनर्स की हितैषी रही है। प्रदेश की कठिन आर्थिक स्थिति के बावजूद अब तक लगभग 2170 करोड़ से अधिक वेतन व पेंशन एरियर का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इसी माह वेतन बकाया के रूप में अतिरिक्त 20,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए तृतीय श्रेणी के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को इसी माह उनकी पेंशन एवं पारिवारिक पेंशन के बकाया का अतिरिक्त 35 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। इसी प्रकार प्रथम और द्वितीय श्रेणी के पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों को भी इसी माह उनके पेंशन व पारिवारिक पेंशन बकाया का 15 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन भुगतानों पर सरकार 281 करोड़ रुपये खर्च करेगी। 

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इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना पायलट आधार पर शुरू होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार की ओर से हाल ही में जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट में वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल के दौरान हिमाचल प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार को रेखांकित किया गया है। उन्होंने कहा कि हालांकि राज्य में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, लेकिन अभी और सुधार की गुंजाइश है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने माताओं और बच्चों को बेहतर एवं अधिक पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने के लिए इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार अब इस योजना को लागू करने के लिए तैयार है और इसका पायलट चरण 2 अक्तूबर से प्रदेश के विभिन्न जिलों के 21 आईसीडीएस ब्लॉकों में शुरू किया जाएगा। छह महीने बाद पायलट चरण की समीक्षा की जाएगी और इसके परिणामों के आधार पर योजना को पूरे हिमाचल प्रदेश में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना के तहत माताओं एवं महिलाओं तथा 6 माह से 3 वर्ष तक की आयु के बच्चों को वर्तमान में दिए जा रहे पोषण सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। वर्तमान में दिए जा रहे चावल, दाल, तेल, बिस्किट, पंजीरी और मिल्क पाउडर को अधिक पौष्टिक एवं स्वच्छ तरीके से पैक किए गए प्रीमिक्स खाद्य पदार्थों से बेहतर बनाया जाएगा। इसके अलावा, लाभार्थियों की पसंद के अनुसार सप्ताह में तीन बार दूध या अंडे उपलब्ध करवाए जाएंगे। 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पके भोजन को भी उसकी पोषण गुणवत्ता बढ़ाने के लिए और बेहतर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पूरी खरीद प्रक्रिया की जिम्मेदारी जिला एवं आईसीडीएस ब्लॉक स्तर पर सौंपी जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर पारदर्शी खरीद सुनिश्चित होगी और माताओं एवं बच्चों के लिए स्वच्छ, ताजा तथा गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य जमीनी स्तर पर पोषण सहायता को मजबूत करना और पूरे हिमाचल प्रदेश में महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी बेहतर परिणाम सुनिश्चित करना है।

100 नए सीबीएसई स्कूल खुलेंगे, सेवानिवृत्त होने वाले डाॅक्टर 2027 तक देंगे सेवाएं
उन्होंने अगले शैक्षणिक सत्र से प्रदेश भर में 100 नए सीबीएसई स्कूल खोलने की भी घोषणा की। उन्होंने घोषणा की कि इस माह से लेकर 31 मार्च 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले चिकित्सकों की सेवाएं जारी रहेंगी और वे 31 मार्च 2027 को सेवानिवृत्त होंगे।  सीएम सुक्खू ने एलान किया कि आने वाले समय में 100 पंचायतों को ग्रीन बनाया जाएगा। सीएम ने कहा कि उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने हजारों युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार प्रदान किया है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किसी भी भर्ती परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुआ है। इसके विपरीत पिछली भाजपा सरकार के दौरान पुलिस भर्ती पेपर लीक हुआ तथा कर्मचारी चयन आयोग में आयोजित भर्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं, यहां तक कि प्रश्नपत्र भी बेचे गए। हमारी सरकार ने युवाओं के विश्वास के साथ धोखा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है और ऐसे कदाचार में शामिल लोगों को जेल भेजा है।
 

सात जिलों में दुग्ध प्रसंस्करण ढांचे पर दो साल में खर्च होंगे 150
उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले के ढगवार में लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिदिन 1.5 लाख लीटर क्षमता वाला प्रदेश का पहला अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है और इसका कार्य इसी वर्ष पूरा हो जाएगा। कांगड़ा, ऊना, चंबा और हमीरपुर जिलों के हजारों किसानों को इस सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा घोषणा की कि अगले दो वर्षों में राज्य सरकार सोलन, ऊना, सिरमौर, शिमला, मंडी, कुल्लू और हमीरपुर जिलों में दुग्ध प्रसंस्करण ढांचे पर 150 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इससे डेयरी क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी तथा किसानों के लिए बेहतर अवसरों का सृजन होगा। 
 

समर्पित बागवानी नीति लागू होगी: सीएम
सीएम ने कहा कि किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने के साथ राज्य सरकार बागवानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए भी समान रूप से प्रतिबद्ध है। हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जो एक समर्पित बागवानी नीति लागू करेगा। इससे लगभग 82,200 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सेब की पैकेजिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन को अनिवार्य करने से हजारों बागवानों को पहले ही लाभ मिलना शुरू हो गया है। इससे उनकी उपज के बेहतर दाम सुनिश्चित हुए हैं और बाजार में उनके शोषण पर अंकुश लगाने में मदद मिली है।

2 अक्तूबर से अपना परिवार सुखी परिवार योजना शुरू होगी
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि लोगों से बातचीत के दौरान उन्हें कई ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बारे में जानकारी मिली, जिनके नाम बीपीएल सूची में शामिल नहीं थे। ऐसे परिवारों की उचित पहचान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने पिछले एक वर्ष के दौरान आठ चरणों में सर्वेक्षण करवाया। प्रदेश में लगभग 19 लाख परिवारों में से 1.80 लाख परिवारों की पहचान ऐसे परिवारों के रूप में की गई, जिन्हें सरकार से अधिक सहायता और ध्यान की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परिवारों का चयन उपायुक्तों के माध्यम से किया गया है और उनकी ओर से अंतिम सूचियां भी अधिसूचित कर दी गई हैं। इन परिवारों के लिए राज्य सरकार 2 अक्तूबर से अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना शुरू करेगी। इसके तहत अगले दो वर्षों में इन परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए एक तंत्र स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि अगले दो माह के भीतर योजना के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक परिवार की आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। इससे प्रत्येक परिवार को आवश्यक विशेष सहायता की पहचान करने में मदद मिलेगी। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को इन परिवारों पर केद्रिंत किया जाएगा ताकि वे उपलब्ध अवसरों और कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।  उन्होंने स्पष्ट किया कि इनमें से आधे से अधिक परिवार पहले से ही बीपीएल सूची में शामिल हैं, जबकि कुछ परिवार वर्तमान में इसके अंतर्गत नहीं आते। 

 बीपीएल सूची जैसी है वैसी ही रहेगी: सीएम
उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार बीपीएल परिवारों को दिए जा रहे किसी भी लाभ को न तो कम करेगी और न ही वापस लेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विपक्षी नेता यह भ्रामक सूचना फैला रहे हैं कि सरकार बीपीएल परिवारों की संख्या कम करना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह आरोप पूरी तरह गलत और निराधार हैं। बीपीएल सूची जैसी है वैसी ही रहेगी और इन परिवारों को दिए जा रहे सभी मौजूदा लाभ जारी रहेंगे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पहली बार राज्य के वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने के लिए व्यवस्थित दृष्टिकोण अपनाया है और हिमाचल प्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं।

'राज्य अब लगातार वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा'
सीएम ने कहा कि 16वें वित्त आयोग ने लगभग 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बंद कर दिया है, जो राज्य को वर्ष 1952 से संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत मिल रहा था।  इस निर्णय से राज्य के गंभीर वित्तीय संकट में जाने की आशंका व्यक्त की गई थी। हालांकि, हिमाचल प्रदेश इस कठिन परिस्थिति से सफलतापूर्वक बाहर निकल आया है। उन्होंने कहा कि हमारे निरंतर प्रयासों से राज्य अब लगातार वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।  सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार भाखड़ा परियोजना से संबंधित लगभग 7,000 करोड़ रुपये के अपने दावे को भी दृढ़ता और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ा रही है। इसी प्रकार शानन, बैरास्यूल, जल उपकर और चंडीगढ़ से जुड़े मामलों में हिमाचल के वैध अधिकारों को सुरक्षित करने के प्रयास भी जारी हैं। 

चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान का दूसरा चरण ऊना से होगा शुरू
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के सक्रिय सहयोग और समर्थन से हमारी सरकार ने चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान शुरू किया है। अभियान का दूसरा चरण 7 सितंबर 2026 से ऊना से शुरू किया जाएगा। जल्द ही खेलो हिमाचल, चिट्टा-मुक्त अभियान भी शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से युवाओं को खेलों से जुड़ने और स्वस्थ एवं उत्पादक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ड्रग माफिया को खत्म करने और हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए सख्त फैसले लिए जा रहे हैं। 

सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्वच्छ पानी के लिए लागू की जा रही 2,000 करोड़ की योजना: सुक्खू
 सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए कार्य कर रही है। सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये की व्यापक योजना लागू की जा रही है। साथ ही मौजूदा जल ढांचे को मजबूत और पुनर्निर्मित करने तथा भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की जा रही हैं। इन उपायों से पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता में सुधार होगा तथा राज्य की समग्र जल सुरक्षा मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंडी जिले में माता बगलामुखी रोपवे जनता को समर्पित किया गया है। चिंतपूर्णी मंदिर और बाबा बालक नाथ मंदिर में भी रोपवे का निर्माण किया जाएगा, जबकि मंडी में शिव धाम का कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण के लिए विदेश भेजा गया है। 

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल: सीएम
उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार भी राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मरीजों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं और आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में पहली बार सभी मेडिकल कॉलेजों के साथ चमियाणा अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। सीएम ने कहा कि इस सुविधा से प्रदेश के लोगों को राज्य के भीतर ही उन्नत चिकित्सा तकनीक उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी की लागत आमतौर पर 5 लाख रुपये से अधिक होती है, जबकि राज्य सरकार सरकारी संस्थानों में यह सुविधा 30,000 रुपये से 80,000 रुपये की लागत में उपलब्ध करवा रही है। इससे आम लोगों के लिए उन्नत उपचार सुलभ हो सकेगा।

पहली बार लाखों विद्यार्थियों ने लाइन सुना सीएम का संबोधन
वहीं हिमाचल में स्वतंत्रता दिवस पहली बार सरकारी स्कूलों के लिए कई मायनों में विशेष रहा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली बार मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के राज्य स्तरीय संबोधन का लाइव प्रसारण किया गया, इसे लाखों विद्याथियों ने एक साथ देखा और सुना। विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस समारोह, मुख्य अतिथि के संदेश तथा स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और देश के महान राष्ट्रनायकों के योगदान से अवगत कराया जाएगा। छठी से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को उनके संबंधित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में समारोहों में शामिल किया गया। वहीं कांप्लेक्स स्कूलों में 500 मीटर के दायरे में स्थित प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थी भी मुख्य समारोह का हिस्सा बने। 

स्कूलों में 17 को रहेगी 15 अगस्त की छुट्टी
बिलासपुर। स्वतंत्रता दिवस को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेशों के बीच अब प्रदेश के स्कूलों में 17 अगस्त को अवकाश रहेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 15 अगस्त को होने वाले कार्यक्रमों के चलते विद्यार्थियों और शिक्षकों को 17 अगस्त को छुट्टी दी जाएगी। शिक्षा निदेशालय ने कुछ दिन पहले आदेश जारी कर प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों को 15 अगस्त को सामान्य रूप से खुला रखने के निर्देश दिए थे। आदेशों में कहा गया था कि स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और देशभक्ति के माहौल में मनाया जाए। सभी विद्यार्थियों की उपस्थिति को सुनिश्चित किया जाए।  17 अगस्त की छुट्टी को लेकर शनिवार को शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी की।

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