Himachal: बादल फटने की घटना के बाद पंडोह डैम में एकत्रित हुईं लकड़ियों की जांच करेगी सीआईडी
मंडी जिले के पंडोह डैम में जमा हुई लकड़ियों की सीआईडी जांच होगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
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कुल्लू जिले के शिलागढ़ जंगल में 25 जून को बादल फटने के बाद हुरला नाले में बहकर आईं हजारों टन लकड़ियों के मामले की जांच राज्य सरकार ने सीआईडी क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। सोमवार को आपदा प्रबंधन की बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस मामले की सीआईडी जांच के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नाले में हजारों टन लकड़ियां बहकर कहां से आईं, इसके बारे में पूरा पता लगाकर सच्चाई सामने लाई जाएगी। गौरतलब है कि हुरला नाले में बाढ़ के साथ बहकर आई ये लकड़ियां मंडी जिले के पंडोह डैम में एकत्र हो गईं थीं। डैम में जमा लकड़ियां कहां से आई, इसे लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। अमर उजाला ने भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया था।
राज्य सरकार के प्रवक्ता की ओर से बताया गया कि लकड़ियों के वीडियो और तस्वीरें वायरल हुए हैं। इस विषय में लोगों की चिंता को देखते हुए निरंतर जांच की मांग की जा रही थी। सरकार की ओर से सीआईडी से जांच करवाने का फैसला किया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि संकट के समय भाजपा नेता गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं, जो उनके दोहरे चेहरे को लोगों के सामने रख रहा है। पिछली भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान पेड़ों की अवैध कटाई के मुद्दे की कभी निष्पक्ष जांच नहीं करवाई। इस दौरान वनों के अवैध कटान के मामले में दोषियों की जवाबदेही को तय नहीं किया गया। उनके कार्यकाल के दौरान प्रदेश में वन माफिया फल-फूल रहा था।
डॉ. आरुषि जैन ने मुख्यमंत्री से भेंट की
पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट डॉ. आरुषि जैन ने रविवार शाम शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट की। आरुषि जैन हिमाचल प्रदेश से संबंध रखती हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व डिजिटल गवर्नेंस क्षेत्र में अपने गहन अनुभव को मुख्यमंत्री के साथ साझा करते हुए अपनी अभिनव पहल ‘एआई सवेरा’ के बारे में जानकारी दी। यह एक ऐसा मंच है जो आम लोगों तक सरकारी सेवाएं सरल और सुलभ तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। डॉ. आरुषि जैन को एडवर्ड एस मैसन फेलो के रूप में चुना गया है और उन्हें जॉन एफ केनेडी स्कालर की विशिष्ट उपाधि भी प्राप्त हुई है। यह सम्मान विश्व स्तर पर बदलाव लाने वाले चुनिंदा व्यक्तियों को ही दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने आरुषि जैन की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश की इस बेटी ने विश्व पटल पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी उपलब्धियां देश व प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने कहा कि इस तकनीकी आधारित पहल से हिमाचल में सेवाओं की बेहतर पहुंच और जनता तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने में लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि एआई सवेरा में जन भावनाओं का विश्लेषण, वर्चुअल अवतार और नीति निर्माताओं के लिए रियल टाइम एनालिटिक्स डेश बोर्ड जैसी कई आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। यह मंच सेवा वितरण और जनसहभागिता के लिए एक प्रभावी उपकरण सिद्ध होगा। डॉ. आरुषि जैन ने हावर्ड युनिवर्सिटी के हावर्ड कैनेडी स्कूल से मिड कॅरियर मास्टर्ज इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री प्राप्त की है।