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CM Sukhu: 'शानन परियोजना वापस लेने को सुप्रीम कोर्ट में रखेंगे पक्ष, पंजाब को बिना देरी लौटानी चाहिए परियोजना'
Thu, 01 Aug 2024 05:47 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 01 Aug 2024 05:47 PM IST
सार
राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शानन जल विद्युत परियोजना को लेकर बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना पर सर्वोच्च न्यायालय में प्रदेश सरकार का मामला मजबूती से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश के लोगों के हितों की रक्षा हो सके।
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राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शानन जल विद्युत परियोजना को लेकर की बैठक।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जिला मंडी के जोगिंद्रनगर में 110 मेगावाट की शानन जल विद्युत परियोजना को लेकर जारी कानूनी लड़ाई के संदर्भ में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना पर सर्वोच्च न्यायालय में प्रदेश सरकार का मामला मजबूती से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदेश के लोगों के हितों की रक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से प्रदेश के लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार हिमाचल के अधिकारों को वापस लेने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही है।
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उन्होंने कहा कि ब्रिटिश काल के दौरान शानन जल विद्युत परियोजना का निर्माण किया गया था। वर्ष 1925 में मंडी के तत्कालीन राजा जोगिंद्र बहादुर और पंजाब के मुख्य अभियंता के बीच 99 वर्षों के लिए लीज़ समझौता हस्ताक्षरित हुआ था। उस समय से ही इसका प्रशासनिक अधिकार पंजाब के पास है। 2 मार्च 2024 को लीज समाप्त हो गई है। यह परियोजना हिमाचल के क्षेत्र अधिकार में है और पंजाब सरकार को अविलंब परियोजना को हिमाचल को लौटा देना चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सरकार इस परियोजना से लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कानूनी कार्यवाही को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार परियोजना को हासिल करने के लिए मजबूत मामला तैयार कर रही है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता अनूप रतन, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चन्द शर्मा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, विशेष सचिव अरिंदम चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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