दस शहरी निकायों में मनोनीत पार्षद तैनात करने पर पेच, अब सीएम लेंगे फैसला
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हिमाचल के 10 शहरी निकायों में मनोनीत पार्षदों की तैनाती पर पेच फंस गया है। जिला भाजपा ने सरकार को जिन लोगों को मनोनीत पार्षद नियुक्त करने की सूची भेजी थी, उनमें कई ऐसे नेता हैं, जो नगर निकाय में चुनाव हारे हैं। शहरी विभाग ने फाइल सरकार को भेज दी है। अब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को इस पर फैसला लेना है। हिमाचल में दो नगर निगम और 52 शहरी निकाय हैं।
धर्मशाला नगर निगम समेत 39 निकायों में मनोनीत पार्षदों की तैनाती कर दी है, जबकि 15 निकायों में होना शेष है। हिमाचल में सरकार को बने चार महीने होने जा रहे हैं, लेकिन अभी तक करीब डेढ़ दर्जन निकायों में मनोनीत पार्षद नहीं चुने गए हैं।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के शिमला से होने के कारण मामला डिस्कस नहीं हो पाया है। निकायों में मनोनीत पार्षद बनने के लिए सचिवालय में भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई है। विधायकों से लेकर वरिष्ठ नेता अपने करीबियों को मनोनीत पार्षद बनाने के लिए सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
नगर निगम शिमला सुर्खियों में
नगर निगम शिमला मनोनीत पार्षद की तैनाती को लेकर सुर्खियों में है। जिला भाजपा नेता अपने लोगों को मनोनीत पार्षद लगाने को पसीना बहा रहे हैं। पार्षद लगाने के लिए मंत्रियों से फोन तक कराए जा रहे हैं।
इन निकायों में तैनात होने हैं मनोनीत पार्षद- नगर निगम शिमला, ठियोग, रोहडू, नारकंडा, सुन्नी, बिलासपुर, तलाई, ऊना, संतोषगढ़, मैहतपुर, दौलतपुर, गगरेट, टाहलीवाल, पालमपुर और ज्वालामुखी शामिल हैं।