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कोविड मरीजों को 10 दिन इलाज के बाद बिना टेस्ट दी जा सकते है छुट्टी: जयराम

Tue, 15 Sep 2020 09:05 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 15 Sep 2020 09:05 PM IST
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cm jairam thakur replyed over mukesh agnihotri question on mahender singhs health in himachal assembly
सीएम जयराम ठाकुर - फोटो : अमर उजाला

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि कोविड मरीजों को दस दिन इलाज के बाद बिना टेस्ट करवाए घर भेजा जा सकता है। आईसीएमआर की ओर से इस बाबत गाइडलाइन आई है। कई राज्यों ने इस पर अमल करना शुरू कर दिया है। जिन मरीजों में लक्षण नहीं होंगे, उन्हें होम आईसोलेशन में रखा जाएगा। आईजीएमसी से मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के घर जाने पर विपक्ष के सवाल पर मुख्यमंत्री ने यह जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर स्वस्थ हैं। मंगलवार सुबह ही उनके साथ फोन पर बात हुई है।

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इससे पहले नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के बारे में पूछा कि मंत्री कोरोना से ठीक नहीं हुए हैं। पहले आईजीएमसी ले गए, वहां उनका इलाज ठीक से नहीं हुआ। उन्हें घर भेजा गया। किन कारणों से भेजा गया। अब भी उनकी रिपोर्ट इन्कनक्लूसिव है। बाहर यह धारणा है कि मंत्री सदन में आना नहीं चाहते। मुकेश ने कहा कि महेंद्र सिंह सरकार में नंबर टू मंत्री हैं। मंत्री 14 दिन क्वारंटीन होने के बाद भी ठीक नहीं हुए। कब आएंगे, कब सदन में उपस्थित होंगे। इसकी जानकारी से सदन को अवगत करवाना चाहिए।
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इस पर सीएम ने कहा कि मंत्री के स्वास्थ्य की चिंता सरकार की जिम्मेवारी है। जब मंत्री संक्रमित हुए तो उन्होंने घर पर ही रहने की इच्छा जताई। डॉक्टरों के अनुसार वह सिंप्टोमेटिक थे। बीपी के साथ सिरदर्द और तापमान भी था। डॉक्टरों ने फिर कहा कि होम आईसोलेशन में इनको नहीं रखना चाहिए। उन्होंने डॉक्टरों की सलाह पर अमल किया। अस्पताल भेजे गए। सात दिन बाद जब उनका टेस्ट हुआ तो वह फिर पॉजीटिव थे। वह डॉक्टरों की निगरानी में रह चुके थे। उन्होंने कहा कि वह घर जाते हैं, तो वह वहां आईसोलेशन में रह लेंगे। वहां स्वास्थ्य से संबंधित शिकायत का कोई जिक्र नहीं किया गया है। उन्हें 14 नहीं, 12 दिन हुए हैं। दूसरा टेस्ट उनका इन्कनलूसिव आया है। अब उन्हें न तापमान है, न खांसी। बीपी, शूगर सब सामान्य है। वह स्वस्थ हैं। कुछ दिन तक वह आईसोलेशन में हैं। उसके बाद वह काम करना चाहें तो वह कर सकते हैं।

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अन्य राज्यों से नहीं हो सकती ओबीसी आरक्षण की तुलना 

प्रदेश सरकार ने बताया है कि राज्य को शक्तियां मिली हैं कि वह पिछड़े हुए नागरिकों के किसी वर्ग के लिए नियुक्तियों या पदों में आरक्षण दे सकती है। आरक्षण की तुलना अन्य राज्यों में किसी वर्ग को दिए जा रहे आरक्षण से नहीं की जा सकती है। सरकार ने यह जानकारी विधायक रमेश चंद्र ध्वाला के सवाल के जवाब में दी है। ध्वाला ने प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को दिए जा रहे आरक्षण की अन्य राज्यों से तुलना कर कम आरक्षण का कारण पूछा था। सरकार ने बताया कि प्रशासनिक सेवाओं में वर्तमान में ओबीसी को सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने वाले पदों में पर्याप्त आरक्षण दिया जा रहा है। श्रेणी एक व दो के पदों में 12% और श्रेणी 3 व 4 के पदों में 18% का आरक्षण लागू है। विभिन्न विभागों के अंतर्गत उच्च शिक्षण संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को विभिन्न विषयों पाठ्यक्रम के शुरू तथा उपलब्ध स्थानों के आधार पर प्रवेश में आरक्षण दिया जा रहा है। 

सभी पेट्रो प्लास्टिक उत्पादों पर अभी पूर्ण प्रतिबंध नहीं 
प्रदेश सरकार ने पेट्रो प्लास्टिक के सभी उत्पादों के प्रयोग पर अभी पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया है। यह जानकारी सरकार ने विधायक अनिरुद्ध सिंह द्वारा पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में दी है। सरकार ने बताया कि प्रदेश में प्लास्टिक व अन्य जीव अनारक्षित अपशिष्ट के प्रबंधन एवं उन्मूलन के लिए हिमाचल प्रदेश जीवन आश्रित कूड़ा कचरा नियंत्रण अधिनियम लागू किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश में कुछ पेट्रो प्लास्टिक उत्पादों जैसे पॉलिथीन, कैरी बैग, प्लास्टिक और थर्माकोल से बनी कटलरी, कप-प्लेट, चम्मच, ग्लास आदि के उपयोग पर अधिसूचना जारी कर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। सरकारी अथवा निजी समारोह में भी प्लास्टिक उत्पादों के प्रयोग पर प्रतिबंध है। उल्लंघन करने वालों का चालान किया जाता है। प्रतिबंधित उत्पादों के विकल्प के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं जिनमें प्लास्टिक कप प्लेटों के स्थान पर पत्तल के प्रयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्लास्टिक स्ट्रॉ की जगह कागज की स्ट्रॉ के प्रयोग और प्लास्टिक थैली की जगह कपड़े अथवा जूट के थैले के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।

पर्यटन निगम को 39.97 करोड़ का नुकसान

कोविड-19 के कारण हिमाचल में पर्यटन उद्योग प्रभावित हुआ है। पर्यटन विकास निगम को बीते कुछ माह में होटल बंद रहने के चलते 39.97 करोड़ का नुकसान हुआ है। आबकारी एवं कराधान विभाग को मार्च से जुलाई तक 17.8 करोड़ का कम एसजीएसटी प्राप्त हुआ है। प्रदेश में आने वाले सैलानियों की संख्या बहुत अधिक घट गई है। कांग्रेस विधायक आशा कुमारी के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि पर्यटन कारोबार को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। पर्यटन व्यवसायियों को हुए नुकसान की एवज में प्रदेश सरकार ने कई योजनाएं चलाई हैं और कोरोना काल के बीच कई तरह की रियायतें भी दी गई हैं।

पुरानी पेंशन देने का मामला विचाराधीन : गोविंद
 प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्ष 1995 से 1999 तक अनुबंध आधार पर नियुक्त किए गए जेबीटी शिक्षकों को पुरानी पेंशन स्कीम के तहत लाने का मामला सरकार के विचाराधीन है। कांग्रेस विधायक आशा कुमारी के सवाल का लिखित जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि यह जेबीटी शिक्षक वर्ष 2006 में नियमित हुए थे। 8 साल की सेवाएं पूरा करने के बाद इनका नियमितीकरण हुआ। पुरानी पेंशन के मामले को लेकर शिक्षक हाईकोर्ट चले गए थे। जनवरी 2020 में कोर्ट की तरफ से इसको लेकर फैसला आया है। इस फैसले पर विधि विभाग के साथ चर्चा जारी है, मामला सरकार के विचाराधीन है।

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