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सिगरेट की डिब्बी पर सरकारी ऑर्डर जारी करने से चर्चित रहे थे पंडित शिव कुमार

Sat, 13 Jul 2019 01:37 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sat, 13 Jul 2019 01:37 PM IST
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CM jairam Thakur condoles demise of former minister Shiv kumar
पूर्व कैबिनेट मंत्री पंडित शिव कुमार उपमन्यु - फोटो : फाइल फोटो

सत्तर और 80 के दशक में सिगरेट की डिब्बी पर सरकारी ऑर्डर जारी करने के लिए अपने समय में मशहूर रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं पूर्व शिक्षा मंत्री पंडित शिव कुमार उपमन्यु के निधन से प्रदेश की राजनीति को बड़ा नुकसान हुआ है। एक समय हिमाचल के सीएम बनते बनते रहने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री पंडित शिव कुमार उपमन्यु करीब दो सप्ताह से फोर्टिस अस्पताल कांगड़ा में उपचाराधीन थे। शिव कुमार उपमन्यु को करीब डेढ़ वर्ष पहले ब्रेन हैमरेज भी हुआ था। इस दौरान अस्पताल में उपचार के बाद वह बीमारी से पूरी तरह उबर चुके थे।

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शिव कुमार उपमन्यु ने सरकार में बतौर कैबिनेट मंत्री कई विभागों में नेतृत्व किया है। उन्हें शिक्षा मंत्री के रूप में खासतौर से याद किया जाता है। चंबा जिले से ताल्लुक रखने वाले शिव कुमार भटियात विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे थे। उनके पिता पंडित जयवंत राम भी प्रदेश के अग्रणी राजनेता थे और प्रदेश विधानसभा का पहला अध्यक्ष बनने का गौरव उनके नाम है। पंडित शिव कुमार भटियात से तीन बार विधायक रहे। इनके दो बेटे हैं और दो बेटियां, जबकि पत्नी का दो साल पहले निधन हो गया है।

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30 विधायकों के साथ कांग्रेस में हो गए थे शामिल

प्रदेश में पहली बार शांता कुमार के नेतृत्व में बनी गैर-कांग्रेस सरकार में पंडित शिव कुमार भी बतौर विधायक शामिल थे। वर्ष 1977 में शिव कुमार उपमन्यु चंबा जिला के भटियात हलके से जीते थे। आपातकाल के बाद हुए चुनावों में पूरे देश की ही तरह हिमाचल में भी कांग्रेस का सफाया हो गया था।

हिमाचल की 68 सीटों में से जनता पार्टी 60 सीटें जीतकर भारी बहुमत से सत्ता में आई थी, लेकिन शांता सरकार केवल ढाई वर्ष ही चल पाई क्योंकि 1980 में लोकसभा के मध्यावधि चुनावों के बाद केंद्र में कांग्रेस के सत्तासीन होने का सीधा असर हिमाचल पर पड़ा।

वर्ष 1980 में जनता पार्टी के 30 विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए, जिसमें शिव कुमार उपमन्यु भी थे। रामलाल ठाकुर बिना चुनाव के ही दूसरी बार हिमाचल के मुख्यमंत्री बनने में कामयाब हुए थे। उसके बाद शिव कुमार ने भटियात विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था। उपमन्यु तीन बार भटियात के विधायक रहे।

प्रदेश ने खो दिया अनुभवी नेता : शांता
पूर्व सांसद शांता कुमार ने कहा कि शिव कुमार उपमन्यु के निधन से हिमाचल की राजनीति ने पिछली पीढ़ी के एक योग्य अनुभवी नेता को खो दिया है। मेरा सौभाग्य है कि उनके साथ काम किया। बाद में वह कांग्रेस के एक प्रमुख नेता रहे, लेकिन मेरे साथ उनके व्यक्तिगत संबंध उसी प्रकार से निकटता के रहे।

शांता ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। इसके अलावा प्रदेश ब्राह्मण कल्याण परिषद और ब्राह्मण सभा की पंडित शांति शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपमन्यु के निधन पर दो मिनट का मौन रखा गया। बैठक में पंडित प्रीतम भारती, रमेश भाऊ, राजेंद्र शर्मा, अश्वनी शर्मा, कैप्टन सतीश लवोल, सविता, सुदर्शन डोहरू, ओम प्रकाश लदोहिया, पंडित घनश्याम और पंडित रमेश आदि मौजूद रहे।

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