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अपने स्कूल में सीएम अंकल बने शिक्षक, बच्चों से सुनीं कविताएं

Tue, 09 Oct 2018 01:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी Updated Tue, 09 Oct 2018 01:21 PM IST
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CM Jairam Thakur answer to school children question
बगस्याड स्कूल में नर्सरी के बच्चों के साथ सीएम जयराम ठाकुर

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सोमवार को अपने स्कूल बगस्याड पहुंचे। जहां सैकड़ों बच्चों ने करीब 400 मीटर लंबी कतार में हाथ में फूल लेकर अपने स्कूल के अनमोल मोती का जोरदार स्वागत किया। सीएम जयराम ठाकुर जैसे ही स्कूल प्रांगण में पहुंचे तो भावुक हो गए।

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'अखंड शिक्षा ज्योति मेरे स्कूल से निकले मोती' योजना के शुभारंभ पर स्कूली बच्चों ने सीएम से खूब सवाल दागे। इस दौरान बच्चों ने सीएम को रोल मॉडल मानते हुए न केवल भविष्य निर्धारण की राह के टिप्स लिए बल्कि स्कूली जीवन के संघर्ष को भी उनके साथ साझा किया।  
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बच्चों के सवाल सीएम के जवाब
जमा दो कक्षा के छात्र युगल ने सीएम से सवाल किया - जीवन का आदर्श किसे मानते हो?
सीएम ने कहा यह कठिन प्रश्न है लेकिन, कोई भी व्यक्ति संपूर्ण नहीं है। जिन गुरुजनों नेउन्हें शिक्षा दी है, वही उनके आदर्श हैं।  

जमा दो की छात्रा सीमा ने पूछा - मंडी के पहले सीएम बनने पर कैसा अनुभव हुआ? 
सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने में मजे जैसी कोई बात नहीं है। 10 माह का कार्यकाल हुआ है लेकिन मैंने एक भी छुट्टी नहीं ली है। 

जमा दो कक्षा की छात्रा मुस्कान ने पूछा - राजनीति को क्यों चुना? 
सीएम बोले - मेरा राजनीति में आने का कोई विचार नहीं था। पढ़ाई करके नौकरी करना चाहते थे। लेकिन कॉलेज में छात्र राजनीति के समय उनके जीवन में ऐसा मोड़ आया कि अकस्मात राजनीति की शुरुआत हो गई। इसी तरह से यह क्रम बढ़ता गया।
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जमा दो कक्षा के रितिक ने पूछा - शिखर पर पहुंचने के लिए क्या कठिनाइयां हुईं? 
सीएम जयराम ने कहा कि कठिनाइयों का तो पूछो मत। 1993 के बाद उनके कदम नहीं रुके। वे सराज के घर-घर पहुंचे और कड़ी मेहनत की। जिसके परिणाम आने के बाद वह शिखर पर पहुंचे हैं। 

 जमा एक के मासूम ने पूछा - सफलता का श्रेय किसे देंगे?
सीम मुस्कुराए और जवाब दिया कि - सराज की जनता को। इस दौरान सभी ने तालियां बजाकर सीएम का स्वागत किया।

सेना के सहयोग से मंडी के बल्ह में ही बनेगा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा : सीएम

CM Jairam Thakur answer to school children question

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बगस्याड़ दौरे के दौरान कहा कि सेना के सहयोग से बल्ह में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेना के उच्चाधिकारियों के साथ इस संबंध में वार्ता सफल रही है। उन्होंने कहा हिमाचल में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह प्रोजेक्ट हर हाल में पूरा होगा। प्रधानमंत्री भी हिमाचल में अंतरराष्ट्रीय हवाई के निर्माण को लेकर खासी दिलचस्पी रखते हैं। 

उन्होंने कांग्रेसियों को नसीहत दी कि एयरपोर्ट के निर्माण में बेवजह विरोध की हवा बनाने के प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि अगर यह मौका हाथ से गवांया तो मंडी के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य नहीं होगा। सीएम ने कहा कि एयरपोर्ट के विरोध में कम और समर्थन में ज्यादा लोग हैं। उनके इस ड्रीम प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरते ही विरोध करने वाले भी सकारात्मक रुख अपनाएंगे। इसकी उन्हें पूरी उम्मीद है।

मजबूत होगा डिफेंस, पर्यटन को लगेंगे पंख 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में पहली बार बनने जा रहे इस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के बनने से हिमाचल में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे हजारों लोगों को स्वरोजगार मिलेगा। सामरिक दृष्टि से भी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का खासा महत्व है।

फोरलेन प्रभावितों की मांगें होंगी पूरी 
मुख्यमंत्री जयराम ने कहा कि फोरलेन प्रभावितों की सभी मांगों को सरकार ने लगभग मान लिया है। प्रभावितों की जो मांगें शेष बची हैं उन्हें पूरा करने के लिए सरकार विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फोरलेन प्रभावितों से वे खुद बैठक कर उनकी समस्याओं को सुनेंगे।

अपने स्कूल में सीएम अंकल बने शिक्षक, बच्चों से सुनीं कविताएं

CM Jairam Thakur answer to school children question

हिमाचल में पहली बार 3391 सरकारी स्कूलों में निशुल्क प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को अपने स्कूल गोहर के बगस्याड़ से इस योजना की शुरुआत की। छठी से दसवीं तक जिस स्कूल से सीएम जयराम ठाकुर ने विषम परिस्थितियों में पढ़ाई की, सोमवार को उसी स्कूल की प्री प्राइमरी कक्षा में वह शिक्षक बनकर पहुंच गए।

सुबह 11 बजे अपनी पत्नी के साथ आए सीएम ने बच्चों से राइम्स (कविताएं) सुनीं। नौनिहालों ने ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार और टेडी बीयर-टेडी बीयर कविताएं सुनाई। इसके बाद 11.45 बजे उन्होंने बगस्याड़ सीसे स्कूल में ‘अखंड शिक्षा ज्योति, मेरे स्कूल से निकले मोती’ योजना की भी शुरुआत की। 

मुख्यमंत्री ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि वे नौ किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचते थे। सीएम मंच से अपने गुरुजनों, सहपाठियों को संबोधित करना नहीं भूले। उन्होंने एक किस्से का जिक्र करते हुए कहा कि एक बार डंडे पड़ने के बाद उन्होंने साथियों के साथ मिलकर स्कूल का बहिष्कार कर दिया था और घर पहुंच गए।

बाद में बड़ी मुश्किल से मामला सुलझाया। उन्होंने स्कूल में मुर्गा बनने तक की यादें ताजा हैं। सीएम ने मुख्य अध्यापक बिहारी लाल, गुरुजनों लालू राम और धर्म सिंह को याद किया तथा जनसभा स्थल पर बैठे अपने सहपाठियों के नाम भी पुकारे। 

13 हजार से ज्यादा नौनिहालों ने लिया दाखिला
हिमाचल में सोमवार को एक साथ 3391 सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाएं शुरू की गईं। बीते एक सप्ताह के दौरान प्रदेश के 13 हजार से ज्यादा नौनिहालों का प्री प्राइमरी (नर्सरी) में दाखिला हुआ है। सीएम ने कहा कि प्री प्राइमरी में नौनिहालों की पढ़ाई का सारा खर्च सरकार उठाएगी।

किताबें, कलर, ड्राइंग बुक्स सब कुछ सरकार ही बच्चों को मुहैया करवाएगी। प्री प्राइमरी बच्चों के लिए अलग वर्दी लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार जल्द ही इस बारे में गाइडलाइन जारी करेगी। उन्होंने पाठ्य सामग्री का भी विमोचन किया।

एक पूर्व छात्र ने 55, दूसरों ने दिए 42 लाख रुपये
शिक्षा मंत्री ने मिसाल देकर कहा कि बड़सर में एक एनआरआई ने लाइब्रेरी के लिए 55 लाख रुपये योगदान के रूप में दिए। नेरवा में पुराने छात्रों ने 42 लाख स्कूल के योगदान के लिए दिया है। स्कूल को योगदान देने वालों से अन्यों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। 

सेना के सहयोग से बल्ह में ही बनेगा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
मंडी/गोहर। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सेना के सहयोग से बल्ह में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेना के उच्चाधिकारियों के साथ इस संबंध में वार्ता सफल रही है। उन्होंने कहा हिमाचल में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह हर हाल में पूरा होगा।

प्रधानमंत्री भी खासी दिलचस्पी ले रहे हैं। उन्होंने कांग्रेसियों को नसीहत दी कि एयरपोर्ट के निर्माण में बेवजह विरोध की हवा बनाने का प्रयास न करें। अगर यह मौका हाथ से गंवाया तो मंडी के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य नहीं होगा। सीएम ने कहा कि एयरपोर्ट के विरोध में कम और समर्थन में ज्यादा लोग हैं। विरोध करने वाले भी सकारात्मक रुख अपनाएंगे, इसकी उन्हें पूरी उम्मीद है।

प्री प्राइमरी स्कूलों में एसएमसी से होगी अध्यापकों की तैनाती
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाओं को चलाने के लिए शिक्षकों की भर्ती स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के माध्यम से होगी। इन स्कूलों के अध्यापकों के वेतन का इंतजाम किया जाएगा। पाठन सामग्री और वर्दी जैसी जरूरतों के लिए केंद्र सरकार से विशेष मदद की मांग की जाएगी।

अखंड शिक्षा ज्योति मेेरे स्कूल से निकले मोती योजना प्रेरणा देने के लिए है। इसमें स्कूल से पढ़कर गए छात्रों में उस स्कूल की यादें ताजा कराने और उच्च पदों पर पहुंचे पूर्व छात्रों को स्कूल कल्याण के लिए योगदान को तैयार किया जाएगा।

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