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राज्यस्तरीय शिक्षक दिवस समारोह में सीएम ने इस बात पर जताई चिंता

Thu, 06 Sep 2018 10:23 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 06 Sep 2018 10:23 AM IST
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CM Jai Ram Thakur statement during programme for national and state level award winning teachers

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि शिक्षकों के प्रति आदर भाव और डर कम होना चिंता का विषय है। एक्सीलेंस कॉलेज संजौली में राज्यस्तरीय शिक्षक दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को मूल्य आधारित शिक्षा देने पर बल दिया। उन्होंने नशे की रोकथाम को लेकर स्कूलों और कॉलेजों में महाअभियान चलाने का आह्वान भी किया। 

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मुख्यमंत्री ने पुरस्कार विजेता अध्यापकों को बधाई दी। कहा कि अध्यापक सही मायने में राष्ट्र के निर्माता हैं। विद्यार्थियों को अपने मूल्यों, संस्कृति तथा परंपराओं का सम्मान करने की शिक्षा देनी चाहिए। विद्यार्थियों को अभिभावकों, अध्यापकों तथा बुजुर्गों के अलावा देश के प्रति प्रेम व सम्मान करने की शिक्षा देनी चाहिए। कहा कि अध्यापक तथा शिष्य के बीच एक पवित्र रिश्ता होता है। अध्यापकों का आचार व व्यवहार विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी व प्रोत्साहित करने वाला होना चाहिए।

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गुणात्मक शिक्षा पर दे रहे विशेष बल: भारद्वाज

CM Jai Ram Thakur statement during programme for national and state level award winning teachers

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश गुणात्मक शिक्षा पर विशेष बल दे रहा है। इसमें अध्यापकों को एक बड़ी भूमिका का निर्वहन करना है। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में विद्यार्थियों को अपने जीवन में किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार करने की आवश्यकता है। हिमाचल देश का एक मात्र राज्य है, जहां 11वीं कक्षा में शत-प्रतिशत नामांकन है। अध्यापकों को विद्यार्थियों की भलाई के लिए अध्यापन में नई पहल और नवोन्मेष के साथ आगे आना चाहिए।

सवा घंटे लेट पहुंचे सीएम ने शिक्षकों को पढ़ाया समय की पाबंदी का पाठ
समारोह में मुख्यमंत्री निर्धारित समय से सवा घंटा लेट पहुंचे। कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होना था, लेकिन मुख्यमंत्री 12 बजकर 20 मिनट पर पहुंचे। होटल पीटरहॉफ में पोषण अभियान कार्यक्रम के चलते वे लेट हुए। समारोह में पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षकों को समय की पाबंदी का पाठ पढ़ा दिया। उन्होंने अपने स्कूल के समय की यादें ताजा करते हुए कहा, मंडी जिले की उच्च पाठशाला बगस्याड़ के मुख्याध्यापक बिहारी लाल शर्मा सुबह दस बजते ही गेट पर खड़े हो जाते थे।

लेट आने वाले शिक्षकों और विद्यार्थियों से देरी का कारण पूछते थे। मुख्यमंत्री ने कहा, जीवन में समय का पाबंद होना चाहिए। उधर, दोपहर तीन बजे कैबिनेट बैठक में जाने के चलते सांस्कृतिक कार्यक्रम को बीच में रोक दिया गया। हालांकि, मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम बीच में रोकने के लिए विद्यार्थियों से क्षमा भी मांगी। कहा कि उन्हें भविष्य में जब भी दोबारा बुलाया जाएगा तो कार्यक्रम को पूरा जरूर देखेंगे। मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए अपनी ऐच्छिक निधि से 31 हजार रुपये देने की घोषणा की।

संजौली कॉलेज में बनेगा कन्या छात्रावास

CM Jai Ram Thakur statement during programme for national and state level award winning teachers

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की मांग पर मुख्यमंत्री ने एक्सीलेंस कॉलेज संजौली में कन्याओं के लिए छात्रावास बनाने की घोषणा की। कहा कि कॉलेज में प्रदेश भर से छात्राएं पढ़ने आती हैं। उन्हें आवास सुविधा मुहैया करवाना सरकार की प्राथमिकता में रहेगा। मुख्यमंत्री ने कॉलेज के हेरिटेज भवन की छत की मरम्मत को 15 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।

पीएम मोदी का ट्वीट पढ़ते अटके शिक्षा मंत्री- शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने संबोधन के दौरान राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित कांगड़ा के शिक्षक सुनील कुमार की मंगलवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत की जानकारी दी।

सुनील कुमार को लेकर पीएम मोदी के ट्वीट को मोबाइल फोन पर पढ़ते हुए शिक्षा मंत्री एकाएक अटक गए। फोन की स्क्रीन बंद होने पर उन्होंने कहा, यह नई तकनीक है इसमें हम माहिर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस तकनीक का प्रयोग करने में निपुण हैं। इसको लेकर खूब ठहाके लगे।

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शॉल, टोपी और प्रशस्तिपत्र देकर नवाजे 19 शिक्षक

CM Jai Ram Thakur statement during programme for national and state level award winning teachers

एक्सीलेंस कॉलेज संजौली में बुधवार को राज्यस्तरीय शिक्षक दिवस समारोह के दौरान 19 शिक्षकों को शॉल, टोपी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सबसे पहले साल 2017 में राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले तीन शिक्षकों संजय देष्टा, जन्मेजय गुलेरिया और मीना चंदेल को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

इसके बाद केवल राम चौहान, केवल राम कांटा, नरेंद्र सिंह नेगी, जयप्रकाश, नरदेव सिंह, पवन बाला, जोगिंद्र शांडिल, कुशमा कुमारी, संदीप कुमार, रमेश चंद, कर्म चंद, लालचंद, निशा कुमारी, आशा रानी, संजय जिस्टू और अंकिता वालिया को राज्यस्तरीय शिक्षक पुरस्कार दिया गया। राज्यस्तरीय शिक्षक पुरस्कार के तहत शिक्षकों को एक साल का सेवा विस्तार या 40 हजार रुपये नकद पुरस्कार में से एक विकल्प पुरस्कार के तौर पर चुनना होगा।

सचिव शिक्षा डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने सभी गण्यमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। शिक्षा विभाग की विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जम्वाल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने एक स्मारिका का विमोचन भी किया। इस दौरान उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा, समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली सहित अन्य मौजूद रहे।

राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में आरकेएमवी और संजौली कॉलेज के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। समारोह का आगाज राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला की छात्राओं ने वंदेमातरम से किया। इसके संजौली कॉलेज के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। फिर कॉलेज विद्यार्थियों ने हिमाचली लोकनृत्य और भंगड़ा की प्रस्तुति दी।

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