डीपीआर को मंजूरी: कैथलीघाट-शिमला फोरलेन के निर्माण का रास्ता साफ
कालका-शिमला फोरलेन प्रोजेक्ट के तीसरे चरण में कैथलीघाट से शिमला तक की नए सिरे से तैयार डीपीआर रिपोर्ट को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। करीब दो साल के लंबे इंतजार के बाद अब जल्द फोरलेन का निर्माण शुरू होगा।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपेयी के ड्रीम प्रोजेक्ट कालका-शिमला फोरलेन का सपना जल्द सच होने वाला है। प्रोजेक्ट के तीसरे चरण में कैथलीघाट से शिमला तक की नए सिरे से तैयार डीपीआर रिपोर्ट को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। करीब दो साल के लंबे इंतजार के बाद अब जल्द फोरलेन का निर्माण शुरू होगा। कैथलीघाट-शिमला के 27.5 किलोमीटर हिस्से का निर्माण कार्य दो चरणों में होगा। इस पर तीन हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले चरण में कैथलीघाट से शराला और दूसरे चरण का कार्य शराला से मशोबरा-ढली जंक्शन तक होगा। राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने पहले चरण के 17.4 किलोमीटर कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पर 1760 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कैथलीघाट से ढली-मशोबरा जंक्शन तक अब पांच सुरंगों और 29 पुलों से होकर वाहन गुजरेंगे। इसके अलावा एक मनमोहक हेरिटेज केबल स्टे ब्रिज भी बनेगा।
गौरतलब है कि एनएचएआई के इंजीनियर और कंपनी के कंसलटेंट अधिकारी दो साल से डीपीआर रिपोर्ट बनाने में जुटे थे। अब केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद कंपनी ने इस कार्य के टेंडर के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। इसके बाद फोरलेन निर्माण कार्य शुरू होगा। इस ड्रीम प्रोजेक्ट का पहला चरण कालका-पिंजौर, दूसरा चरण पिंजौर से कैथलीघाट और तीसरे चरण में कैथलीघाट से ढली जंक्शन तक निर्माण होना है। उधर, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एसके शर्मा ने बताया कि कैथलीघाट-ढली तक के फोरलेन की डीपीआर रिपोर्ट को मंजूरी मिल गई है। 2024 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा।
2019 से बंद पड़ा है फोरलेन का कार्य
कैथलीघाट-ढली फोरलेन का निर्माण अक्तूबर 2019 से बंद पड़ा है। वर्ष 2018 में कंपनी को जब काम अवार्ड किया था तो जमीन की कटिंग फोरलेन की होनी थी, जबकि निर्माण टू लेन में होना था। जनवरी 2019 में इसमें बदलाव किया गया। इसके तहत प्रोजेक्ट अब टू लेन की जगह फोरलेन बनना है।
भूमि अधिग्रहण न होने के चलते अधूरा छोड़ा काम
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया समय पर पूरी न होने और बदलाव मंजूर न होने का तर्क देकर कंपनी ने निर्माण कार्य बंद कर दिया था। कंपनी जिस वक्त फोरलेन निर्माण कार्य छोड़कर गई, उस दौरान फोरलेन के लिए सभी अप्रोच सड़क तैयार हो चुकी थी। 2020 में फोरलेन निर्माण की लागत दोगुना बढ़ गई। वर्ष 2018 में 1480 करोड़ का अनुमानित बजट रखा था। अब 3 हजार करोड़ का अनुमानित बजट रखा है।