देशभर में सबसे हरा-भरा होगा बिलासपुर में बनने वाला एम्स
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हिमाचल के बिलासपुर जिले में बनने वाले एम्स का कैंपस हरा-भरा होगा। एम्स निर्माण के दौरान ध्यान रखा जाएगा कि पेड़ों का कटान कम से कम हो। वन विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो एम्स की जमीन पर आठ हजार पेड़ हैं। बिलासपुर में बनने जा रहे एम्स परिसर की हरियाली के लिहाज से देश भर में सबसे बेहतर होगा।
इसके लिए खाका तैयार किया जा रहा है। वन विभाग अरण्यपाल आरएस पटियाल ने परिसर को हरा भरा रखने संबंधी प्रयासों की पुष्टि की है। बिलासपुर में करीब 1299 बीघा जमीन पर एम्स के कैंपस का निर्माण किया जाएगा।
एम्स के कैंपस में हेलीकॉप्टर उतरने की सुविधा रहेगी। इसे आपात स्थिति में मरीजों को लाने के लिए तैयार किया जाएगा। यह कैंपस आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसके लिए वन विभाग को छोड़ अन्य विभागों की जमीन हस्तांतरित हो चुकी है। वन विभाग की जमीन की फाइल भी दिल्ली पहुंच चुकी है। माना जा रहा है कि वन विभाग की जमीन भी जल्द एम्स के नाम कर दी जाएगी।
वन विभाग के अरण्यपाल आरएस पटियाल ने कहा कि एम्स की साइट पर करीब आठ हजार पेड़ हैं। इन्हें निर्माण कार्य के दौरान हटाया जाएगा। एम्स निर्माण के दौरान प्रयास रहेगा कि कम से कम पेड़ काटे जाएं। एम्स कैंपस को हरा-भरा बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो एक पेड़ काटने की सूरत में खाली क्षेत्र में तीन पौधे लगाने का लक्ष्य रखा जाएगा। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा पहले ही साफ कर चुके हैं कि एम्स का कैंपस हरा-भरा और स्वच्छ रहे, इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
2021 तक रखा है एम्स के निर्माण का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने 2021 तक एम्स को बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद यहां 720 बिस्तर का अस्पताल होगा। यहां से हर साल 100 डॉक्टर और करीब 120 नर्सें निकलेंगी। पीजी कक्षाएं अलग से चलेंगी। हिमाचल के अलावा पंजाब के लोगों को भी इसकी सुविधा मिलेगी।