ऊंची पहुंच की धौंस दिखाने पर अदालत ने तलब किया विधानसभा महिला कर्मचारी का परिवार, लगाई कड़ी फटकार
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ट्रैफिक चालान के दौरान मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों के साथ ऊंची पहुंच का हवाला देकर दुर्व्यवहार करने के मामले में दंपती सहित उनके बेटे को अदालत ने तलब किया। इस मामले में सीजेएम नाहन की अदालत में सुनवाई हुई। इस मामले को लेकर तीनों को अदालत से मांफी मांगनी पड़ी। हालांकि, सीजेएम ने तीनों आरोपियों को कोई सजा नहीं सुनाई। तीनों को कड़ी फटकार लगाते हुए भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी।
दरअसल, मामला बीती 9 जुलाई का है। नाहन में ट्रायल के दौरान सीजेएम की उपस्थिति में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए विधानसभा अध्यक्ष, पुलिस महामहानिदेशक और हाईकोर्ट के अधिकारियों के नाम पर धौंस जमाई। पुलिस के अधिकारियों समेत अदालत से मौके पर पहुंचे कर्मियों व होमगार्ड जवानों से दुर्व्यवहार किया। मामला सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करने से जुड़ा है।
ट्रैफिक जांच के दौरान दंपती गाड़ी में मौके पर पहुंचा। सीट बेल्ट न पहनने पर जब पुलिस गाड़ी का चालान करने लगी तो तीनों ने ऊंची पहुंच की धौंस जमाई। मौके पर जोर-जोर से अधिकारियों व कर्मियों पर बरसने लगे। यही नहीं जब मामला मौके पर उपस्थित सीजेएम तक पहुंचा तो आरोपियों ने उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया। आरोपी महिला प्रदेश विधानसभा में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात है जबकि, उसका पति शिमला के एक होटल में बतौर मैनेजर है।
इस दौरान उनका बेटा भी उपस्थित था। तीनों ने अपनी ऊंची का ऐसा रौब जमाया कि सरकारी कामकाज में भी बाधा हुई। लिहाजा, आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 228 के तहत मामला दर्ज हुआ। सीजेएम ने नोटिस देकर तीनों को तलब किया। लिहाजा, बुधवार को नाहन में सुनवाई हुई। इस दौरान तीनों आरोपियों ने अदालत में माफीनामा दिया। इसके बाद अदालत ने कड़ी फटकार लगाकर छोड़ा।