शहरी निकाय अध्यक्षों को मिलेंगी यह शक्तियां!
हिमाचल प्रदेश में शहरी निकायों के अध्यक्षों की शक्तियां बढ़ाने की तैयारी है। अब उनके हस्ताक्षर के बिना विकास कार्यों का पैसा रिलीज नहीं हो सकेगा। अभी कार्यकारी अधिकारी (ईओ) अपने स्तर पर पैसा जारी कर सकते हैं।
लेकिन अब इसके लिए ईओ और शहरी निकाय अध्यक्ष दोनों के चेक पर हस्ताक्षर होना जरूरी होंगे। हिमाचल में वर्तमान में 52 शहरी निकाय हैं। इसमें एक नगर निगम, करीब 20 नगर परिषद और अन्य नगर पंचायतें हैं।
इन निकायों में विकास कार्य का जिम्मा मुख्य तौर से ईओ पर रहता है। टेंडर से लेकर खर्चों का ब्योरा इनके पास होता है। अपने स्तर पर पेमेंट भी रिलीज करते हैं।
अब सरकार इस प्रक्रिया में शहरी निकायों के अध्यक्षों को सीधे तौर पर शामिल करने की तैयारी में हैं। हालांकि, पहले भी इस तरह की व्यवस्था थी, लेकिन एक्ट का हवाला देते हुए करीब डेढ़ साल पहले इस प्रक्रिया को बदल दिया था।
कैबिनेट में लाया जाएगा प्रस्ताव
अब सरकार एक्ट में संशोधन कर निकाय अध्यक्षों को ये शक्तियां देने जा रही है। एक्ट में संशोधन के लिए प्रस्ताव तैयार करने का काम शुरू हो गया है। इस मसले को जल्द ही कैबिनेट में लाने की तैयारी है।
क्या होगा फायदा:
जन प्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ेगी
मनमानी पर लगेगा अंकुश
विकास कार्यों में आएगी तेजी
अध्यक्ष, ईओ की सहमति से होंगे कार्य
व्यक्ति विशेष को नहीं पहुंचा सकेंगे लाभ
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा के मुताबिक एक्ट में शहरी निकायों के अध्यक्षों का विकास कार्यों के चेक में साइन करने का प्रावधान नहीं है। इसके लिए एक्ट को संशोधित करने पर विचार विमर्श जारी है। इस मसले को मंत्रिमंडल में लाया जाएगा।