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शिमला स्मार्ट सिटी से एक एक कर गायब हो गए कई बड़े प्रोजेक्ट
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सरकारी महकमों की ढील और फिजिबिलिटी न बनने से टालने पड़े कई बड़े प्रोजेक्ट
ठंडे बस्ते में एस्केलेटर और टनल समेत कई प्रोजेक्ट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी को स्मार्ट बनाने के लिए तीन साल पहले प्रस्तावित किए गए एस्केलेटर, टनल, रोपवे, बसस्टैंड और गरीबों के लिए आवास समेत कई बड़े प्रोजेक्ट अब शहर में नहीं बन पाएंगे। इन्हें बनाने का सपना टूट गया है।
सरकारी महकमों की ढिलाई, फिजिबिलिटी न बनने और एनजीटी के आदेशों के चलते इन्हें अब ठंडे बस्ते में डाल दिया है। शुरुआत में लोअर बाजार को एस्केलेटर से मालरोड जोड़ने का प्लान था लेकिन फिजिबिलिटी न मिलने से इसे रद्द कर दिया है। लिफ्ट स्थित शिव मंदिर से लक्कड़ बाजार के लिए टनल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था लेकिन यहां आजीविका भवन बनने, आसपास बन चुके मकानों के कारण इसकी अब फिजिबिलिटी नहीं बन रही। इसी तरह ढली टनल के समानांतर टनल बनाने का प्रस्ताव था ताकि दोनों तरफ ट्रैफिक चल सके। लेकिन संबंधित विभाग की ढील के चलते इस प्रोजेक्ट को फिलहाल टाल दिया है। ढली में एचआरटीसी की वर्कशॉप पर शहर का नया बस अड्डा बनाने के लिए भी प्रस्ताव तैयार किया था लेकिन जमीन संबंधी दिक्कत के बाद इसे भी रद्द करना पड़ा है। कृष्णानगर एरिया में गरीबों के लिए नये आवास रनाने, लोअर बाजार एरिया में कामर्शियल कांप्लेक्स बनाने जैसे प्रस्ताव भी एनजीटी के फैसले के बाद फिलहाल टाल दिए हैं।
अब पुराने बस अड्डे तक नहीं आएगी ट्रेन
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम ने टॉय ट्रेन को पुराने बस अड्डे तक चलाने का अहम प्रोजेक्ट तैयार किया था। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलना था। साथ ही अंग्रेजों के जमाने की बेकार पड़ी विरासत को भी संजीवनी मिलनी थी। लेकिन यह प्रस्ताव भी अब सिरे नहीं चढ़ पाएगा। रेलवे ने ओल्ड बसस्टैंड पर भलखू संग्रहालय विकसित किया है। ऐसे में यहां नया रेलवे स्टेशन नहीं बन पाएगा। जाखू से ढींगूधार के लिए रोपवे भी अभी प्रस्तावित नहीं हो पाया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के महाप्रबंधक नितिन गर्ग ने बताया कि पहले चरण में उन प्रोजेक्टों को किया जा रहा है जिनमें कोई अड़चन नहीं है।
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शहरवासियों को सुविधा देंगे यह नए प्रोजेक्ट
स्मार्ट सिटी से कई बड़े प्रोजेक्ट गायब होने के बावजूद नगर निगम ने शहर की जनता की सुविधा के लिए कुछेक नए प्रोजेक्ट शामिल किए हैं। इनमें लक्कड़ बाजार से रिज तक लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा, लक्कड़ बाजार बसस्टैंड का कायाकल्प, विकासनगर में लिफ्ट, बालूगंज स्कूल को शिफ्ट करने का काम, सर्कुलर रोड पर कई जगह फुटओवर ब्रिज, कई वैकल्पिक मार्ग जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। इससे शहर की जनता को काफी सुविधा मिलने वाली है।
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ठंडे बस्ते में एस्केलेटर और टनल समेत कई प्रोजेक्ट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी को स्मार्ट बनाने के लिए तीन साल पहले प्रस्तावित किए गए एस्केलेटर, टनल, रोपवे, बसस्टैंड और गरीबों के लिए आवास समेत कई बड़े प्रोजेक्ट अब शहर में नहीं बन पाएंगे। इन्हें बनाने का सपना टूट गया है।
सरकारी महकमों की ढिलाई, फिजिबिलिटी न बनने और एनजीटी के आदेशों के चलते इन्हें अब ठंडे बस्ते में डाल दिया है। शुरुआत में लोअर बाजार को एस्केलेटर से मालरोड जोड़ने का प्लान था लेकिन फिजिबिलिटी न मिलने से इसे रद्द कर दिया है। लिफ्ट स्थित शिव मंदिर से लक्कड़ बाजार के लिए टनल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था लेकिन यहां आजीविका भवन बनने, आसपास बन चुके मकानों के कारण इसकी अब फिजिबिलिटी नहीं बन रही। इसी तरह ढली टनल के समानांतर टनल बनाने का प्रस्ताव था ताकि दोनों तरफ ट्रैफिक चल सके। लेकिन संबंधित विभाग की ढील के चलते इस प्रोजेक्ट को फिलहाल टाल दिया है। ढली में एचआरटीसी की वर्कशॉप पर शहर का नया बस अड्डा बनाने के लिए भी प्रस्ताव तैयार किया था लेकिन जमीन संबंधी दिक्कत के बाद इसे भी रद्द करना पड़ा है। कृष्णानगर एरिया में गरीबों के लिए नये आवास रनाने, लोअर बाजार एरिया में कामर्शियल कांप्लेक्स बनाने जैसे प्रस्ताव भी एनजीटी के फैसले के बाद फिलहाल टाल दिए हैं।
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अब पुराने बस अड्डे तक नहीं आएगी ट्रेन
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम ने टॉय ट्रेन को पुराने बस अड्डे तक चलाने का अहम प्रोजेक्ट तैयार किया था। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलना था। साथ ही अंग्रेजों के जमाने की बेकार पड़ी विरासत को भी संजीवनी मिलनी थी। लेकिन यह प्रस्ताव भी अब सिरे नहीं चढ़ पाएगा। रेलवे ने ओल्ड बसस्टैंड पर भलखू संग्रहालय विकसित किया है। ऐसे में यहां नया रेलवे स्टेशन नहीं बन पाएगा। जाखू से ढींगूधार के लिए रोपवे भी अभी प्रस्तावित नहीं हो पाया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के महाप्रबंधक नितिन गर्ग ने बताया कि पहले चरण में उन प्रोजेक्टों को किया जा रहा है जिनमें कोई अड़चन नहीं है।
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शहरवासियों को सुविधा देंगे यह नए प्रोजेक्ट
स्मार्ट सिटी से कई बड़े प्रोजेक्ट गायब होने के बावजूद नगर निगम ने शहर की जनता की सुविधा के लिए कुछेक नए प्रोजेक्ट शामिल किए हैं। इनमें लक्कड़ बाजार से रिज तक लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा, लक्कड़ बाजार बसस्टैंड का कायाकल्प, विकासनगर में लिफ्ट, बालूगंज स्कूल को शिफ्ट करने का काम, सर्कुलर रोड पर कई जगह फुटओवर ब्रिज, कई वैकल्पिक मार्ग जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। इससे शहर की जनता को काफी सुविधा मिलने वाली है।