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नगर निगम चुनाव से पहले लागू होगा डेवलपमेंट प्लान
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प्लान पर लिए जाएंगे लोगों के सुझाव और आपत्तियां, एक माह का मिलेगा का वक्त
कोर एरिया में भवन निर्माण की मिलेगी इजाजत
भवन निर्माण पर लगा गई पाबंदियां भी हटेंगी
अशोक चौहान
शिमला। राजधानी में मई-जून महीने में होने वाले नगर निगम चुनाव से पहले सरकार शहरवासियों को बड़ा तोहफा देने जा रही है। चुनाव से पहले ही शहर की जनता को भवन निर्माण की छूट देने के लिए सिटी डेवलपमेंट प्लान लागू करवाने की तैयारी है।
शहरी विकास विभाग ने टीसीपी को इस बारे में निर्देश जारी कर दिए हैं। टीसीपी को सोमवार तक इस प्लान को अधिसूचित करने को कहा है ताकि इस पर जनता के सुझाव और आपत्तियां ली जा सकें। टीसीपी ने भी प्लान तैयार कर लिया है। पहले शनिवार को ही इसे अधिसूचित करने की तैयारी थी लेकिन अवकाश के चलते अब सोमवार या मंगलवार को इसे अधिसूचित किया जाएगा। नियमानुसार इस प्लान पर आपत्तियां और सुझाव दर्ज करवाने के लिए एक माह का वक्त दिया जाना है। यह सुझाव कैसे दर्ज होंगे, इसका प्लान भी टीसीपी ने तैयार कर लिया है।
लोग लिखित में अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। टीसीपी, शहरी विकास विभाग, नगर निगम के अलावा प्लानिंग एरिया जैसे शोघी, घणाहट्टी में स्थित साडा के दफ्तरों में भी इस बारे में लिखित सुझाव दर्ज करवाए जा सकते हैं। शहर की जनता बेसब्री से इस प्लान का इंतजार कर रही है। इसके लागू होने से भवन निर्माण की पाबंदियां हट जाएंगी और शहरवासी अपनी पसंद का मकान बना सकेंगे। प्लान में कुछ आवश्यक शर्तें भी लगाई गई हैं ताकि राजधानी में हरियाली कायम रह सके और शहर कंकरीट का जंगल न बन जाए। शहर के अलावा साथ लगते प्लानिंग एरिया में भी यह प्लान लागू होगा।
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मंत्रिमंडल की मंजूरी पर
हाईकोर्ट में सौंपेंगे प्लान
शहरी विकास विभाग के मुताबिक मार्च के पहले हफ्ते तक जनता के सुझाव और आपत्तियां लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। सुझावों और आपत्तियों के मुताबिक जरूरी होगा तो प्लान में संशोधन किया जाएगा। इसके बाद इसे मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद सरकार इसे प्रदेश हाईकोर्ट में सौंपेगी। यह प्रक्रिया अप्रैल तक पूरी करने की तैयारी है। इसके बाद यह प्लान लागू हो जाएगा। नवंबर 2017 में आए एनजीटी के फैसले के बाद से अभी शहर में भवन निर्माण पर कुछ पाबंदियां लगी हैं। टीसीपी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एनजीटी ने अपने आदेशों में सरकार को डेवलपमेंट प्लान बनाने को कहा था ताकि बेतरतीब तरीके से हो रहे निर्माण पर रोक लग सके। अब सरकार ने अपना प्लान बना लिया है। सरकार ही तय करेगी कि इस पर एनजीटी से अनुमति लेनी है या नहीं।
सबके सुझावों से बनेगा प्लान : मंत्री
यह डेवपलमेंट प्लान सभी स्टेकहोल्डर्स के सुझावों के आधार पर तैयार किया जा रहा है। इसे अधिसूचित कर अब आम जनता के सुझाव लिए जाएंगे और इसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। यह ऐतिहासिक कदम होगा क्योंकि करीब 40 साल बाद शिमला शहर का डेवलपमेंट प्लान बन रहा है। उम्मीद है इससे शहरवासियों को राहत मिलेगी।
-सुरेश भारद्वाज, शहरी विकास मंत्री
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कोर एरिया में भवन निर्माण की मिलेगी इजाजत
भवन निर्माण पर लगा गई पाबंदियां भी हटेंगी
अशोक चौहान
शिमला। राजधानी में मई-जून महीने में होने वाले नगर निगम चुनाव से पहले सरकार शहरवासियों को बड़ा तोहफा देने जा रही है। चुनाव से पहले ही शहर की जनता को भवन निर्माण की छूट देने के लिए सिटी डेवलपमेंट प्लान लागू करवाने की तैयारी है।
शहरी विकास विभाग ने टीसीपी को इस बारे में निर्देश जारी कर दिए हैं। टीसीपी को सोमवार तक इस प्लान को अधिसूचित करने को कहा है ताकि इस पर जनता के सुझाव और आपत्तियां ली जा सकें। टीसीपी ने भी प्लान तैयार कर लिया है। पहले शनिवार को ही इसे अधिसूचित करने की तैयारी थी लेकिन अवकाश के चलते अब सोमवार या मंगलवार को इसे अधिसूचित किया जाएगा। नियमानुसार इस प्लान पर आपत्तियां और सुझाव दर्ज करवाने के लिए एक माह का वक्त दिया जाना है। यह सुझाव कैसे दर्ज होंगे, इसका प्लान भी टीसीपी ने तैयार कर लिया है।
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लोग लिखित में अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। टीसीपी, शहरी विकास विभाग, नगर निगम के अलावा प्लानिंग एरिया जैसे शोघी, घणाहट्टी में स्थित साडा के दफ्तरों में भी इस बारे में लिखित सुझाव दर्ज करवाए जा सकते हैं। शहर की जनता बेसब्री से इस प्लान का इंतजार कर रही है। इसके लागू होने से भवन निर्माण की पाबंदियां हट जाएंगी और शहरवासी अपनी पसंद का मकान बना सकेंगे। प्लान में कुछ आवश्यक शर्तें भी लगाई गई हैं ताकि राजधानी में हरियाली कायम रह सके और शहर कंकरीट का जंगल न बन जाए। शहर के अलावा साथ लगते प्लानिंग एरिया में भी यह प्लान लागू होगा।
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मंत्रिमंडल की मंजूरी पर
हाईकोर्ट में सौंपेंगे प्लान
शहरी विकास विभाग के मुताबिक मार्च के पहले हफ्ते तक जनता के सुझाव और आपत्तियां लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। सुझावों और आपत्तियों के मुताबिक जरूरी होगा तो प्लान में संशोधन किया जाएगा। इसके बाद इसे मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद सरकार इसे प्रदेश हाईकोर्ट में सौंपेगी। यह प्रक्रिया अप्रैल तक पूरी करने की तैयारी है। इसके बाद यह प्लान लागू हो जाएगा। नवंबर 2017 में आए एनजीटी के फैसले के बाद से अभी शहर में भवन निर्माण पर कुछ पाबंदियां लगी हैं। टीसीपी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एनजीटी ने अपने आदेशों में सरकार को डेवलपमेंट प्लान बनाने को कहा था ताकि बेतरतीब तरीके से हो रहे निर्माण पर रोक लग सके। अब सरकार ने अपना प्लान बना लिया है। सरकार ही तय करेगी कि इस पर एनजीटी से अनुमति लेनी है या नहीं।
सबके सुझावों से बनेगा प्लान : मंत्री
यह डेवपलमेंट प्लान सभी स्टेकहोल्डर्स के सुझावों के आधार पर तैयार किया जा रहा है। इसे अधिसूचित कर अब आम जनता के सुझाव लिए जाएंगे और इसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। यह ऐतिहासिक कदम होगा क्योंकि करीब 40 साल बाद शिमला शहर का डेवलपमेंट प्लान बन रहा है। उम्मीद है इससे शहरवासियों को राहत मिलेगी।
-सुरेश भारद्वाज, शहरी विकास मंत्री