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MC SHIMLA: मेयर-डिप्टी मेयर और भाजपा पार्षदों के पीछे सरकार ने लगाया खुफिया तंत्र

Sat, 09 Jun 2018 12:20 PM IST
अशोक चौहान, अमर उजाला, शिमला
अशोक चौहान, अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 09 Jun 2018 12:20 PM IST
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CID spying mc shimla mayor kusum sadret and bjp councillors

नगर निगम शिमला के मेयर-डिप्टी मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की चर्चाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार ने खुफिया एजेंसी को फील्ड में उतार दिया है। पहली बार नगर निगम में आसीन हुई भाजपा किसी भी सूरत में विपक्ष को हावी नहीं होने देना चाहती। आपसी फूट से डरी सरकार अब सीधे तौर पर सीआईडी की मदद ले रही है।

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फूट सुलझाने के लिए कई बार प्रदेश सचिवालय, पार्टी कार्यालय और मंत्री के घर पर मेयर समेत भाजपा पार्षदों को बुलाकर समझाया गया। इसमें शिमला शहर के स्थानीय विधायक से लेकर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार और भाजपा के संगठन मंत्री तक शामिल रहे। लेकिन पार्षदों की खींचतान को यह कम नहीं कर पाए।
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अब कहीं अपने ही पार्षद बागी होकर कांग्रेस से हाथ न मिला लें, इस डर से इन पार्षदों के पीछे सीआईडी लगा दी गई है। सीआईडी को सख्त हिदायत है कि इस मसले पर पल पल की रिपोर्ट सरकार को समय रहते मिलनी चाहिए। सीआईडी भी अब सीधे तौर पर मेयर, डिप्टी मेयर और पार्षदों से इस बाबत पूछताछ कर रही है।

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पहली बार हो रहा ऐसा

CID spying mc shimla mayor kusum sadret and bjp councillors

इसी को आधार बनाकर रिपोर्ट आगे सरकार को भेज रही है। यह पहली मर्तबा है जब अपनी ही सरकार में अपने ही जनप्रतिनिधियों के पीछे खुफिया तंत्र लगाना पड़ा है। दो दिन पहले महापौर कार्यालय में मेयर से भी कुछ सवाल पूछे गए हैं। मेयर रिज मैदान पर एक कार्यक्रम में भाग लेने गई थी।

वापस पहुंचने के बाद उनसे अकेले में कार्यालय के भीतर बातचीत की है। बताया जा रहा है कि इनसे पार्षदों की नाराजगी और गुटबाजी को लेकर सवाल पूछे गए। इनके अलावा डिप्टी मेयर राकेश शर्मा से भी पूछताछ करने टीम पहुंची थी, लेकिन वह नहीं मिले।

इसके अलावा वार्डों में भी पार्षदों के काम पर निगरानी रखी जा रही है। जो पार्षद बागी हो सकते हैं, वे सबसे पहले रडार पर हैं।

पार्षदों से जान रहे- क्या है नाराजगी का कारण

CID spying mc shimla mayor kusum sadret and bjp councillors

सूत्रों के अनुसार सीआईडी ने पार्षद आरती चौहान समेत तीन पार्षदों से भी बात की है। इनमें से कुछ पार्षदों से महापौर कार्यालय में पूछताछ की गई है। इनसे पूछा गया कि उनकी नाराजगी का कारण क्या है। जवाब था कि उनके काम नहीं हो रहे।

उनकी फाइलें अटकाई जा रही हैं। वे पार्टी के साथ हैं लेकिन वर्तमान व्यवस्था से खुश नहीं। इनमें से कई भाजपा पार्षद वर्तमान व्यवस्था के खिलाफ सचिवालय में शिकायतें कर चुके हैं तो कई धरना प्रदर्शन तक कर चुके हैं।

सीआईडी सूत्रों के अनुसार पार्षदों से पूछे गए ये सवाल
मेयर-डिप्टी मेयर के खिलाफ इतनी नाराजगी क्यों है?
पार्षदों में क्या चल रहा है, बार-बार विवाद क्यों हो रहे हैं?
किसका व्यवहार ठीक नहीं है, कौन सहयोग नहीं कर रहा?
आप निगम में नेतृत्व के खिलाफ है या फिर पार्टी के?
क्या चाहते हैं निगम में क्या नई व्यवस्था होनी चाहिए?

मेयर बोलीं, पार्षद एक हैं, एकजुट ही रहेंगे- मेयर कुसुम सदरेट ने माना कि सीआईडी के लोग मेरे कार्यालय आए थे। हमने चाय पी। इस दौरान बातचीत भी हुई। कहा कि हम सभी भाजपा पार्षद एक है और एक ही रहेंगे। हम लोग मिलकर काम भी कर रहे हैं।

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