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टेक्नोमैक बिजली बिल घोटाले में सीआईडी ने दाखिल की चार्जशीट
Fri, 19 Apr 2019 11:07 AM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 19 Apr 2019 11:07 AM IST
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विवादों से घिरी टेक्नोमैक कंपनी के प्रबंधन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कंपनी से जुड़े करीब नौ करोड़ के बिजली बिल घोटाले में सीआईडी ने बिजली बोर्ड के दो अधिकारियों समेत सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है।
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विशेष जज नाहन की अदालत में दाखिल की चार्जशीट में बिजली बोर्ड के अधीक्षण अभियंता राकेश धीमान एवं अधिशासी अभियंता रणधीर सिंह ठाकुर को भी शामिल किया गया है।
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इन पर आरोप है कि उन्होंने कंपनी के मुलाजिमों विवेक गुप्ता, गौतम सेठ, अनुज शर्मा, त्रिलोचन बिसवाल और प्रदिप्ता बेहरा के साथ मिलकर बिजली बोर्ड को नौ करोड़ का नुकसान पहुंचाया। फर्जी आरटीजीएस नंबर उपलब्ध कराकर कागजों में साल भर बिजली का बिल जमा करने का खेल किया गया।
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खास यह है कि कंपनी अधिकारी फर्जी आरटीजीएस नंबर देकर बिजली बिल भुगतान का दावा करते रहे और बोर्ड अधिकारियों ने बिना बैंक में तस्दीक किए आरटीजीएस नंबर सही मान बिल जमा होना दिखा दिया।
मामले में सीआईडी ने मार्च में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली थी। अब उनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया। हालांकि, बोर्ड के दोनों अफसरों के खिलाफ अभी अभियोजन मंजूरी नहीं मिली है।
ऐसे में कोर्ट अभियोजन मंजूरी के बाद ही दोनों के आरोप स्वीकार कर सुनवाई शुरू करेगा। बता दें कि 42 सौ करोड़ के बैंक फ्रॉड व कर चोरी के एक अन्य मामले की भी सीआईडी की साइबर क्राइम टीम विवेचना कर रही है।
उस मामले में भी अभी तक आधा दर्जन से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। हालांकि अभी कंपनी के मालिक तक जांच टीम नहीं पहुंच पाई है।
ऐसे में कोर्ट अभियोजन मंजूरी के बाद ही दोनों के आरोप स्वीकार कर सुनवाई शुरू करेगा। बता दें कि 42 सौ करोड़ के बैंक फ्रॉड व कर चोरी के एक अन्य मामले की भी सीआईडी की साइबर क्राइम टीम विवेचना कर रही है।
उस मामले में भी अभी तक आधा दर्जन से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। हालांकि अभी कंपनी के मालिक तक जांच टीम नहीं पहुंच पाई है।